



न्यूज मंच डेस्क/महासमुंद/ छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में किसानों और मजदूरों के बकाया भुगतान की मांग को लेकर शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया गया। किसान कावेरी बीज कंपनी, रायपुर से प्रदेश के सात जिलों के किसानों और मजदूरों का कुल 6 करोड़ 11 लाख 25 हजार रुपये का बकाया भुगतान कराने की मांग कर रहे थे। इस दौरान किसानों ने बेलसोंडा रेलवे क्रॉसिंग के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-353 पर चक्काजाम कर दिया। दोपहर 12 बजे शुरू हुआ चक्काजाम शाम करीब साढ़े चार बजे तक चला। कृषि विभाग की ओर से चार बिंदुओं पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त किया।
बकाया भुगतान नहीं होने से नाराज किसान
भारतीय किसान यूनियन के अनुसार, रबी सीजन 2024-25 में कावेरी बीज कंपनी, रायपुर ने महासमुंद जिले के 85 किसानों की जमीन लीज पर लेकर धान की खेती की थी। इसके लिए किसानों के साथ प्रति एकड़ 22 हजार से 27 हजार रुपये तक भुगतान करने का एग्रीमेंट किया गया था। किसानों का आरोप है कि कंपनी ने फसल का उत्पादन लेने के बाद भी करीब 2 करोड़ 38 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया। इसके अलावा मजदूरों की लगभग 4 लाख 73 हजार रुपये की मजदूरी भी बकाया है।किसानों और मजदूरों ने कई बार बकाया राशि के भुगतान की मांग की, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद 20 फरवरी 2026 को भी किसानों ने आंदोलन करते हुए चक्काजाम किया था। उस समय कृषि विभाग ने मामले का संज्ञान लेकर जांच शुरू की थी और जल्द भुगतान कराने का आश्वासन दिया था। हालांकि, आठ महीने बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं होने से किसानों में नाराजगी बढ़ गी।
रायपुर में कंपनी का घेराव करने जा रहे थे किसान
बकाया भुगतान को लेकर किसानों ने बैठक कर 23 अक्टूबर को रायपुर पहुंचकर कावेरी बीज कंपनी का घेराव करने की चेतावनी प्रशासन को लिखित रूप में दी थी। शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसान रायपुर के लिए रवाना हो रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने किसान नेताओं को हिरासत में ले लिया। इससे नाराज किसानों ने बेलसोंडा रेलवे क्रॉसिंग के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-353 पर चक्काजाम कर दिया।
चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। खासकर ट्रकों की आवाजाही प्रभावित हुई और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
चक्काजाम की सूचना मिलने पर पुलिस, कृषि विभाग और श्रम विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने भी मौके पर पहुंचकर किसानों से चर्चा की। किसानों ने बकाया भुगतान की मांग दोहराते हुए कहा कि पूर्व में आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक राशि का भुगतान नहीं किया गया है। करीब साढ़े चार घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद कृषि विभाग की ओर से चार बिंदुओं पर लिखित आश्वासन दिया गया। इसके बाद किसानों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।
फिलहाल, लिखित आश्वासन के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल हो गया है, लेकिन किसानों और मजदूरों के सामने बकाया राशि मिलने का इंतजार बना हुआ है। अब देखना होगा कि प्रशासन के आश्वासन के बाद किसानों और मजदूरों को उनका हक कब तक मिल पाता है।

