
14 फरवरी 2024 — महासमुंद जिले के पिथौरा विकास खण्ड के ब्लाक शिक्षा अधिकारी नियमों को ताक पर रख कर बसना विधायक के अनुशंसा पर एक प्रधान पाठक को एक निजी संस्था की तरफ से अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा मे भंडारा सेवा हेतु 65 दिन का अवकाश प्रदान कर बच्चो के भविष्य को अधर मे लटकाने का अनोखा आदेश जारी किया है । जहाँ शासकीय इस आदेश का चर्चा आम है ,वही शिक्षा विभाग के आला अधिकारी गलत होता देख रटारटाया राग अलापते हुवे जांच के बाद कार्यवाही का कोरा आश्वासन दे रहे है ।
महासमुंद जिले के पिथौरा विकास खण्ड के विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी ने 20 जनवरी 2024 को एक आदेश जारी किया ,जिसमे लिखा था प्रति विश्वामित्र बेहरा प्रधान पाठक प्राथमिक शाला बिजेपुर के नाम । विषय था अयोध्या मे राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा हेतु कार्यमुक्ति बाबत । उसके आगे लिखा था माननीय विधायक बसना के निर्देशानुसार विश्वामित्र बेहरा प्रधान पाठक प्राथमिक शाला बिजेपुर को अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा मे नीलांचल सेवा समिति बसना की ओर से भंडारा सेवा हेतु नियुक्त किये जाने के फलस्वरूप संबंधित को उक्त कार्य हेतु दिनांक- 23-1-24 से 29-3-24 तक इस कार्यालय हेतु कार्य मुक्त किया जाता है । जिसकी प्रतिलिपि बसना विधायक , जिला शिक्षा अधिकारी व विश्वामित्र को भेजी जाती है । नियमानुसार एक शासकीय कर्मचारी को एक निजी संस्था के लिए अयोध्या मे भंडारा के लिए नही भेजा जा सकता । प्रधान पाठक अर्जित अवकाश लेकर जा सकता था ,पर नियम विरुद्ध ऐसे किसी कर्मचारी को अवकाश नही दिया जा सकता है । आईये आप को सुनवाते है कि स्कूल की एक मात्र शिक्षिका सुषमा प्रधान क्या कहती है ।
इस पूरे मामले मे जिला शिक्षा अधिकारी जहां मोबाइल पर बात करने पर जानकारी नही होने की बात कह रही है ,वही सहायक संचालक सतीश नायर ने बताया कि नोटिस जारी कर जवाब मांगा जायेगा
गौरतलब है कि इस आदेश के बाद सवाल ये उठता है कि आखिर प्राथमिक शाला बिजेपुर मे कक्षा पहली से लेकर पांचवी तक के 33 छात्र- छात्राओ को क्या एक शिक्षिका पढा पायेगी ? दूसरा एक शासकीय शिक्षक को किस नियम के आधार पर एक निजी संस्था मे सेवा देने के लिए कार्यमुक्त किया जा सकता है ? एक विधायक क्या इस प्रकार की अनुशंसा कर सकता है ? बहरहाल देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस पूरे मामले मे क्या कार्यवाही करती है या फिर पूरा मामला राजनीति के भेंट चढ जायेगा ।