




2 फरवरी 2026/ महासमुंद जिले के पुरातात्विक नगरी सिरपुर में माघ पूर्णिमा पर आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने करते हुवे जिलेवासियों को 200 करोड़ के विकास कार्यो सौगात दी और प्रदेश व जिलेवासियो को माघ पूर्णिमा की बधाई दी। महोत्सव में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम ने जहां लोगो को मंत्रमुग्ध कर दिया , वही प्रदेश के कलाकार अपनी प्रस्तुति देकर काफी उत्साहित है ।

महासमुंद जिले के पुरातात्विक नगरी सिरपुर में हर साल की तरह इस वर्ष भी माघ पूर्णिमा पर तीन दिवसीय ( 1 से 3 फरवरी ) सिरपुर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है । सिरपुर का शुभारंभ करने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं खाद्य मंत्री दयालदास बघेल सिरपुर पहुंचे । मुख्यमंत्री ने सर्व प्रथम शासकीय योजनाओ पर आधारित शासकीय स्टाल का अवलोकन किया । मुख्यमंत्री ने जिले को लगभग 200 करोड़ रुपये के 99 विकास कार्यो का लोकार्पण व भूमि पूजन किया । जिसमें 40 करोड़ 88 लाख 2 हजार रुपये के 64 विकास कार्यो का लोकार्पण एवं 158 करोड़ 40 लाख 57 हजार रुपये के 35 विकास कार्य शामिल है । मुख्यमंत्री ने सिरपुर महोत्सव के मंच से सम्पूर्णता अभियान 2.0 का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिलेवासियों को माघी पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुवे कहा कि महानदी के तट पर स्थित श्री गंधेश्वर महादेव के आशीर्वाद से यह क्षेत्र निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। सिरपुर केवल छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की सांस्कृतिक पहचान है।मुख्यमंत्री ने यहां मलेशिया, कोरिया,जापान के बौद्ध विचारक पधारे है,उनका भी स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंचल के विकास के लिए सिरपुर बैराज की स्वीकृति भी जल्दी होगी। सिकसेर जलाशय से कोडार जलाशय में पानी लाने के लिए योजना पर शीघ्रता से कार्य जारी है। इससे क्षेत्र के किसानों को लगातार पानी मिलेगा साथ ही सिरपुर बैराज की स्वीकृति जल्द देने की बात कही ।
सिरपुर महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सुनील तिवारी लोक कला मंच के रंग-झांझर कार्यक्रम ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इसके साथ ही महोत्सव में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति एवं देश की शास्त्रीय, सूफी और आधुनिक संगीत विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियाँ भी हुईं। फुलझरिया कर्मा पार्टी द्वारा कर्मा नृत्य, छत्तीसगढ़ी लोक कला मंच द्वारा लोक कला प्रदर्शन, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के कलाकारों द्वारा कत्थक एवं लोक नृत्य ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया। शास्त्रीय संगीत के अंतर्गत ध्रुपद, सितार वादन, ओडिसी नृत्य, भरथरी प्रस्तुति एवं तथागत नाटक ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बनाया। महोत्सव में प्रसिद्ध लोक-भक्ति गायक बाबा हंसराज रघुवंशी की भव्य प्रस्तुति रही, जिसने हजारों श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।कलाकारो का कहना है कि सिरपुर छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक , पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक नगरी है और सभी कलाकारो की इच्छा होती है कि ऐसे महोत्सव में अपनी प्रस्तुति दे ।
सिरपुर महोत्सव के संदर्भ में प्रशासन ने बताया कि सिरपुर को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाने और यहां की संस्कृति को ज्यादा से ज्यादा लोग जाने यही इस महोत्सव इसका मुख्य उद्देश्य है ।
गौरतलब है कि सिरपुर महोत्सव के आज दूसरे दिन इंडियन आइडल फेम कलाकारों की होगी संगीतमय महफ़िल।

