


न्यूज मंच डेस्क /महासमुंद/ पूर्व कार्यकारी नगर पालिका अध्यक्ष कृष्ण कुमार चंद्राकर ने देश की आर्थिक स्थिति और केंद्र सरकार की अपीलों को लेकर बयान जारी करते हुए कहा है कि आम जनता से पेट्रोल की खपत कम करने और सोने की खरीद में कटौती की अपील कर देश की आर्थिक दिशा नहीं सुधारी जा सकती। उन्होंने कहा कि एक आम आदमी प्रतिदिन सीमित मात्रा में पेट्रोल का उपयोग करता है तथा सोना-चांदी की खरीद शौक के लिए नहीं, बल्कि परिवार और बेटियों के विवाह जैसी जरूरतों के लिए करता है। ऐसे में आम नागरिकों से कटौती की अपील करना उचित नहीं है। श्री चंद्राकर ने कहा कि यदि वास्तव में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है तो जनप्रतिनिधियों को सबसे पहले त्याग का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।उन्होंने सुझाव दिया कि सांसद, विधायक और मंत्रियों के वेतन-भत्तों तथा वाहनों के बड़े काफिलों में कटौती की जानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि देश में हजारों जनप्रतिनिधियों पर हर महीने करोड़ों रुपये वेतन और भत्तों के रूप में खर्च किए जाते हैं। उनके अनुसार यदि इन खर्चों में कमी लाई जाए तो देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। पूर्व नगर पालिका कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि जनप्रतिनिधि ही सबसे अधिक पेट्रोल और डीजल का उपयोग करते हैं, इसलिए सबसे पहले उनके वाहनों के उपयोग में कमी लाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को अनिवार्य करने की पहल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति सेवा का माध्यम है, न कि नौकरी, इसलिए जनसेवकों को त्याग और सादगी का उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब देश के जनप्रतिनिधि स्वयं त्याग करेंगे, तभी आम जनता भी उनके मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित होगी।

