




15 अप्रैल 2026/महासमुंद जिले में सर्व शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने विकास खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके कार्यालय का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की। शिक्षकों ने बीईओ पर अनियमितता, भ्रष्टाचार, पक्षपातपूर्ण रवैया और तानाशाही का आरोप लगाया है।
शिक्षक संघ ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर यह प्रदर्शन किया। आरोप है कि संतान पालन अवकाश के नाम पर पैसा मांगने , विद्यालयों को स्टेशनरी वितरण नहीं किया जा रहा जबकि अभिलेखों में वितरण दर्शाया जा रहा है। इसके अलावा कार्यालय व्यय में गड़बड़ी, फर्जी बिलों के माध्यम से आहरण, नियम विरुद्ध यात्रा भत्ता निकालना, अवकाश स्वीकृति में पक्षपात, जांच समिति की निष्क्रियता तथा स्कूलों के युक्तियुक्तकरण में लापरवाही जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिक्षिका श्रीमती सविता साहू ने आरोप लगाया कि संतान पालन अवकाश स्वीकृत करने के एवज में बीईओ द्वारा हर माह 5 हजार रुपये की मांग की जा रही थी।
घेराव के बाद शिक्षक संघ ने बीईओ के तत्काल हटाने की मांग को लेकर स्थानीय विधायक, जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
वहीं, बीईओ लीलाधर सिन्हा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।
इस पूरे मामले में डीईओ विजय लहरे ने कहा कि शिकायत प्राप्त होने पर बिंदुवार जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
गौरतलब है कि शिक्षा विभाग में इस तरह के आरोप सामने आने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं और यह सोचने वाली बात है कि शिक्षा के मंदिर में ही यदि इस प्रकार के आरोप लगें, तो इसका असर बच्चों के भविष्य पर क्या पड़ेगा।

