


न्यूज मंच डेस्क /महासमुंद जिला पुलिस को चोरी के मामलों में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने अलग-अलग थानों में दर्ज चोरी के तीन बड़े मामलों का एक साथ पर्दाफाश किया है। इन मामलों में पुलिस ने कुल 12 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवर, नकदी, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल समेत करीब 31 लाख 39 हजार 640 रुपये की संपत्ति बरामद की गई है। महासमुंद के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने आज एक प्रेसवार्ता के दौरान इस पूरे मामले का खुलासा किया।
तुमगांव थानाक्षेत्र- ग्राइंडर से ताला काटकर लाखों की चोरी करने वाला गिरफ्तार
पहला मामला तुमगांव थाना क्षेत्र के अछोली गांव का है। यहाँ एक परिवार शादी समारोह में शामिल होने गया हुआ था, जिसका फायदा उठाकर सूने मकान में चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। चोरों ने ग्राइंडर मशीन से ताला काटकर लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरातों पर हाथ साफ कर दिया था। पुलिस ने मुखबिरों की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों (साइबर सेल) की मदद से आरोपी राहुल उर्फ भोजदास साहू को धर दबोचा। पुलिस ने उसके कब्जे से 7 लाख 26 हजार 940 रुपये के सोने-चांदी के जेवर, एक मोटरसाइकिल और वारदात में इस्तेमाल ग्राइंडर मशीन बरामद की है।
सिंघोड़ा थानटक्षेत्र- अंतर-जिला पारधी गिरोह के 7 सदस्य हत्थे चढ़े
दूसरा मामला सिंघोड़ा थाना क्षेत्र का है, जहाँ पुलिस ने नकबजनी करने वाले कुख्यात पारधी गिरोह पर शिकंजा कसा है। पुलिस ने इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने महासमुंद के अलावा सक्ती और कोरबा जिलों में भी चोरी की कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने इस अंतर-जिला गिरोह के पास से करीब 12 लाख 46 हजार रुपये की संपत्ति बरामद की है, जिसमें सोने-चांदी के आभूषण और तीन मोटरसाइकिलें शामिल हैं।
महासमुंद थाना- हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में चोरी करने वाले मप्र के 4 आरोपी गिरफ्तार
तीसरी सफलता महासमुंद शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हुई चोरी के मामले में मिली। यहाँ एक सूने मकान को निशाना बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में मध्य प्रदेश के रहने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से पुलिस ने 1 लाख 66 हजार 700 रुपये मूल्य के मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।
सीसीटीवी और तकनीकी विश्लेषण से मिली सफलता- एसपी
महासमुंद पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि इन तीनों ही संवेदनशील मामलों को सुलझाने में पुलिस टीम ने बेहद सूझबूझ से काम लिया। सीसीटीवी फुटेज खंगालने, तकनीकी विश्लेषण (साइबर ट्रैकिंग) और मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने से यह बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए सभी 12 आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे अन्य किन-किन वारदातों में शामिल रहे हैं।

