


न्यूज मंच डेस्क /महासमुंद/ कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ की महासमुंद तहसील इकाई ने शुक्रवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन एसडीएम को जिला कलेक्टर एवं तहसीलदार के माध्यम से सौंपा गया। संघ के अध्यक्ष उदयराम मोंगरे ने कहा कि कोटवार वर्षों से शासन-प्रशासन और ग्रामीण व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा, सम्मानजनक वेतन, पेंशन और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कोटवारों के नियमितीकरण एवं राजस्व विभाग में संविलियन की मांग की गई है। इसके अलावा सेवा भूमि के आधार पर 8 हजार से 15 हजार रुपये तक मासिक वेतन निर्धारित करने, नियुक्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, सेवानिवृत्त कोटवारों के पात्र परिजनों को प्राथमिकता देने, बेगार प्रथा समाप्त करने तथा नगर पालिका क्षेत्रों में कोटवारों की नियुक्ति पर लगी रोक हटाने की मांग भी की गई है। कोटवार संघ ने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक शासनादेश जारी करने की अपील की है।

