




न्यूज मंच डेस्क / 28 अप्रैल 2026/ महासमुंद जिले में कक्षा चौथी की अर्धवार्षिक परीक्षा के अंग्रेजी प्रश्नपत्र में कुत्ते का नाम शेरु या ‘राम’ विकल्प के रूप में शामिल किए जाने से उपजे विवाद के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) विजय कुमार लहरे को राज्य शासन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जांच में प्रश्नपत्र निर्माण में गंभीर लापरवाही के साथ-साथ विभागीय कार्यों और लेखा संबंधी अनियमितताएं भी उजागर हुई हैं। जनवरी माह में आयोजित कक्षा चौथी की अंग्रेजी परीक्षा में एक प्रश्न “What is the name of Mona’s dog?” पूछा गया था, जिसके संभावित उत्तरों में ‘राम’ शब्द शामिल था। इस पर हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताते हुए इसे भगवान श्रीराम के नाम का अपमान बताया और धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाया था। मामले को लेकर प्रदर्शन, पुतला दहन और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की गई थी। विवाद बढ़ने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने मामले की जांच कराई। जांच में पाया गया कि जिले की प्राथमिक शालाओं के प्रश्नपत्रों के निर्धारण, मुद्रण और वितरण की संपूर्ण जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की थी, लेकिन प्रभारी डीईओ विजय लहरे द्वारा न तो प्रश्नपत्र निर्माण की स्पष्ट प्रक्रिया तय की गई और न ही प्रभावी कार्ययोजना बनाई गई। इसी लापरवाही के चलते आपत्तिजनक प्रश्नपत्र तैयार हुआ, जिससे शिक्षा विभाग और शासन की छवि प्रभावित हुई। जांच में यह भी सामने आया कि उच्च न्यायालय बिलासपुर में लंबित एक प्रकरण में भी उन्होंने विभागीय निर्देशों की अनदेखी करते हुए समय पर अपील प्रस्तुत नहीं की। साथ ही विभागीय लेखा परीक्षण के दौरान उनके कार्यकाल में कई वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताएं भी पाई गईं। इन सभी मामलों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के तहत गंभीर कदाचार माना गया। राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए विजय कुमार लहरे को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय रायपुर स्थित संभागीय संयुक्त संचालक (शिक्षा) कार्यालय निर्धारित किया गया है। वहीं आगामी आदेश तक बी.एल. देवांगन को जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग में जवाबदेही और प्रशासनिक सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।


