



न्यूज मंच डेस्क /महासमुंद किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश किसान कांग्रेस की जिला इकाई ने महासमुंद तहसील कार्यालय का घेराव किया।बड़ी संख्या में पहुंचे किसान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इससे पहले कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन से पहले जिले के किसान खाद, बीज और डीजल जैसी बुनियादी कृषि जरूरतों के लिए भटकने को मजबूर हैं। किसान सुबह से सोसायटियों और बाजारों में खाद के लिए लंबी कतारों में खड़े रहते हैं, लेकिन पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। अभिषेक मिश्रा ने कहा कि जिस अन्नदाता की मेहनत से देश की मंडियां भरती हैं, वही किसान आज खाद के एक-एक कट्टे के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के बजाय बड़े राजनीतिक आयोजनों और स्वागत समारोहों में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि किसान कांग्रेस पूरे प्रदेश में किसानों की आवाज बुलंद करने के लिए आंदोलन चला रही है और इसी क्रम में महासमुंद में तहसील कार्यालय का घेराव किया गया। किसान कांग्रेस ने अपने मांग पत्र में प्रति एकड़ एक बोरी खाद वितरण व्यवस्था को समाप्त करने, सभी किसानों को एकमुश्त खाद उपलब्ध कराने, खाद एवं बीज खरीदने की स्वतंत्रता देने, जरीकैन में डीजल देने पर लगी रोक हटाने, कृषि पंपों के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने, अघोषित बिजली कटौती रोकने, कृषि ऋण सीमा बढ़ाकर 40 हजार रुपये प्रति एकड़ करने, धान की बकाया राशि एवं बोनस का एकमुश्त भुगतान करने तथा कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसी प्रमुख मांगें रखीं।पत्रकार वार्ता के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन से रैली निकाली और नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। घेराव के पश्चात मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। किसान कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संगठन प्रदेशव्यापी और व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

