


न्यूज मंच डेस्क /महासमुंद शहर और आसपास के क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल का गंभीर संकट गहराता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि संचालित 8 पेट्रोल पंपों में से दो पिछले लगभग एक माह से बंद हैं, जबकि 4 पेट्रोल पंप पूरी तरह ड्राई हो चुके हैं। वर्तमान में केवल मचेवा स्थित शंकरा फ्यूल्स में सीमित मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है, वहीं भलेसर रोड स्थित सृजन फ्यूल्स में केवल सीमित डीजल बचा हुआ है। बुधवार शाम से ही शहर के पेट्रोल पंपों में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। शहर के बीच स्थित पुलिस वेलफेयर पेट्रोल पंप और तुमगांव रोड स्थित उत्तम फ्यूल्स में सीमित स्टॉक होने के कारण दुपहिया वाहनों को 300 रुपये और चारपहिया वाहनों को 1000 रुपये तक का ही पेट्रोल दिया जा रहा था। देर शाम तक इन दोनों पंपों के साथ बागबाहरा रोड स्थित संगीता फ्यूल्स और ओजस फ्यूल्स का स्टॉक भी पूरी तरह समाप्त हो गया। भलेसर रोड स्थित सृजन फ्यूल्स में बुधवार शाम तक पेट्रोल खत्म हो गया था, हालांकि गुरुवार दोपहर तक सीमित डीजल वितरण जारी रहा। वहीं मचेवा रोड स्थित शंकरा फ्यूल्स में सुबह से ही बाइक, कार, ट्रैक्टर, बस और ट्रकों की लंबी कतार लगी रही। पेट्रोल पंप संचालक जीएस शर्मा ने बताया कि स्टॉक सीमित है, इसलिए सभी उपभोक्ताओं को सीमित मात्रा में ही पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है।
ईंधन संकट का असर अब सरकारी कामकाज पर भी दिखाई देने लगा है। फील्ड ड्यूटी में उपयोग होने वाले विभागीय वाहनों को पर्याप्त ईंधन नहीं मिल पा रहा। पहले जहां वाहनों के टैंक फुल कराए जाते थे, अब उन्हें 30 से 35 लीटर ईंधन देकर ही काम चलाया जा रहा है।
पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार, पिछले पांच दिनों से रायपुर डिपो से पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई नहीं मिल रही है। पहले जहां ऑर्डर देने के कुछ घंटों के भीतर टैंकर पहुंच जाते थे, वहीं अब दो से तीन दिन बीतने के बाद भी सप्लाई नहीं हो पा रही है। सभी पंप संचालकों ने स्टॉक के लिए ऑर्डर बुक करा दिया है, लेकिन अब तक आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी है।
शहरवासियों का कहना है कि अधिकांश पेट्रोल पंप बंद होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और यदि जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो संकट और गहरा सकता है।

