


न्यूज मंच डेस्क /महासमुंद/ बोर्ड परीक्षा के दौरान कथित नकल, लापरवाही और सोशल मीडिया में वायरल हुए वीडियो मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिन्दी माध्यम विद्यालय भंवरपुर परीक्षा केंद्र क्रमांक 171031 में पदस्थ 5 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस घटना ने परीक्षा व्यवस्था और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद द्वारा जारी पत्र क्रमांक 3019/सतर्कता/जांच प्रतिवेदन/2026 दिनांक 11 मई 2026 के अनुसार प्रारंभिक जांच में परीक्षा केंद्र पर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में पाया गया कि परीक्षार्थियों की प्रवेश पूर्व समुचित जांच नहीं की गई, जिसके चलते एक छात्रा डिजिटल कैमरा जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को परीक्षा कक्ष तक ले जाने में सफल रही। बताया गया कि छात्रा ने परीक्षा कक्ष के भीतर वीडियो एवं ऑडियो रिकॉर्डिंग कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे शिक्षा विभाग की छवि धूमिल हुई। जांच प्रतिवेदन में केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक एवं भृत्य की भूमिका को संदेहास्पद बताते हुए इसे घोर लापरवाही और कर्तव्य निर्वहन में गंभीर चूक माना गया है।
शिक्षा विभाग ने मामले को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 का उल्लंघन मानते हुए कदाचार की श्रेणी में रखा है। आदेश के अनुसार सभी कर्मचारियों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय महासमुंद निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
इन कर्मचारियों पर हुई कार्रवाई
गंगा प्रसाद पटेल — केंद्राध्यक्ष, शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बिछिया
अनिरुद्ध भोई — सहायक केंद्राध्यक्ष, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय भंवरपुर
दिनेश कुमार दास — सहायक केंद्राध्यक्ष
दुर्गाप्रसाद पटेल — पर्यवेक्षक (सहायक शिक्षक एल.बी.)
श्रीमती विजिया बुड़ेक — नियमित भृत्य
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

