


न्यूज मंच डेस्क /महासमुंद जिले में करोड़ों रुपये की एलपीजी गैस हेराफेरी और गबन मामले में महासमुंद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर और उसके पुत्र सार्थक सिंह ठाकुर को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहे थे और पहचान छिपाकर होटल में रह रहे थे। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि सिंघोड़ा थाना में दर्ज एलपीजी गैस गबन मामले में फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें रायपुर, कवर्धा, छुईखदान, कान्हा-किसली, कोलकाता, पुणे, मुंबई और कोल्हापुर भेजी गई थीं। सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज, टोल प्लाजा डेटा और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों आरोपी महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित न्यू चालुक्य होटल में छिपे हुए हैं। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने संतोष ठाकुर के कब्जे से 20 हजार रुपये नकद भी जब्त किए हैं। पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी संतोष ठाकुर ने बताया कि गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों के मामले में 1 करोड़ 30 लाख रुपये की मांग की गई थी, लेकिन बाद में 90 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इसमें पहले 45 लाख रुपये और दूसरी बार 15 लाख रुपये दिए गए। जबकि शेष 30 लाख रुपये ऑनलाइन सिक्योरिटी के तौर पर जमा कराए गए थे। आरोपी के अनुसार जैसे ही 30 लाख रुपये नकद दिए गए, ऑनलाइन जमा राशि वापस कर दी गई।पुलिस के अनुसार 24 दिसंबर 2025 को सिंघोड़ा पुलिस ने 6 एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों को जब्त किया था। बाद में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए खाद्य विभाग की मौजूदगी में इन वाहनों को ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स अभनपुर के संचालक संतोष सिंह ठाकुर के सुपुर्द किया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि पांच कैप्सूल ट्रकों में भरी लगभग 87 टन एलपीजी गैस, जिसकी कीमत करीब 77 लाख रुपये बताई जा रही है, का आपराधिक षड्यंत्र के तहत गबन कर लिया गया।पुलिस ने मामले में बीएनएस और आवश्यक वस्तु अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। इससे पहले इस हाई-प्रोफाइल मामले में जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, पंकज चंद्राकर, मनीष चौधरी और निखिल वैष्णव को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि गैस हेराफेरी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और मामले में आगे भी गिरफ्तारी हो सकती है।

