


न्यूज मंच डेस्क / महासमुंद। महर्षि विद्या मंदिर, मचेवा, महासमुंद में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास, स्वास्थ्य जागरूकता और तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 25 घंटे के इन-हाउस शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।कार्यक्रम की शुरुआत गुरु पूजन, ध्यान एवं टीएम-सिद्धि अभ्यास के साथ हुई, जिससे सकारात्मक एवं एकाग्र वातावरण का निर्माण हुआ। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया गया। मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. अनुसुइया अग्रवाल ने अपने प्रेरक संबोधन में शिक्षकों के सतत अध्ययन एवं आत्मविकास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक प्रभावी शिक्षक बनने के लिए निरंतर सीखना और स्वयं को समयानुकूल अद्यतन रखना आवश्यक है। उन्होंने लकड़हारे द्वारा अपनी कुल्हाड़ी की धार तेज करने के उदाहरण के माध्यम से नियमित प्रशिक्षण की आवश्यकता को रेखांकित किया।प्रशिक्षण अधिकारी शासकीय आईटीआई महासमुंद एस.एल. वर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी), पीएम ई-विद्या, दीक्षा पोर्टल तथा अन्य शैक्षिक पहलों की जानकारी देते हुए शिक्षण में आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल दिया। वहीं श्रीमती खिलेश्वरी ध्रुव ने कौशल विकास एवं कौशल आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए आईटीआई द्वारा संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों की जानकारी साझा की।दोपहर सत्र में श्रीमती मनीषा अग्रवाल ने स्वास्थ्य एवं कल्याण विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी तथा शिक्षकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद पांडेय सर ने टीएम-सिद्धि के लाभों तथा संदीप सर ने योग के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक फायदों पर विस्तार से चर्चा की।प्रशिक्षण के दूसरे सत्र में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) महासमुंद से आए ईश्वर चंद्राकर एवं विनय कुमार यादव ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के शैक्षिक उपयोगों पर विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने बताया कि एआई आधारित उपकरण शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, रोचक और नवाचारपूर्ण बना सकते हैं। साथ ही एआई के उपयोग से जुड़ी सावधानियों और सीमाओं पर भी प्रकाश डाला गया।कार्यक्रम के अंत में ध्यान सत्र का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का प्रथम दिवस ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और उपयोगी रहा, जिसमें शिक्षकों को स्वास्थ्य, योग, ध्यान, कौशल आधारित शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम का सफल संचालन नंद सर द्वारा किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के सर्वांगीण विकास और शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

