




न्यूज मंच डेस्क/ 24 अप्रैल/महासमुंद/ शहर के पंजाबी पारा स्थित वार्ड क्रमांक 23 में आयोजित श्रीमद भागवत महापुराण कथा ज्ञान सप्ताह का शुभारंभ अत्यंत भक्तिमय माहौल में हुआ। कथा के प्रथम दिवस आचार्य नारायण दास वैष्णव के सानिध्य में भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। कलश यात्रा कथा स्थल से रामेश्वरी मंदिर होते हुए पुनः कथा स्थल पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर उत्साह और भक्ति भाव से भाग लिया। भजन-कीर्तन, शंखनाद और जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
दूसरे दिन
‘शुकदेव-परिक्षित संवाद’ का भावपूर्ण वर्णन
कथा के दूसरे दिन आचार्य नारायण दास वैष्णव ने भागवत महापुराण के द्वितीय स्कंध के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने श्री शुकदेव जी और राजा परीक्षित के संवाद के माध्यम से जीवन की नश्वरता और भक्ति की महिमा को सरल शब्दों में समझाया। साथ ही नारद अवतार की कथा सुनाते हुए बताया कि सत्संग और प्रभु स्मरण से ही मनुष्य जीवन सार्थक होता है।इस अवसर पर पुरोहित एवं परायणकर्ता पंडित हेमन्त दास वैष्णव एवं पंडित सूरज दास वैष्णव भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जिनके मार्गदर्शन में संपूर्ण अनुष्ठान विधिवत संपन्न हो रहा है। आचार्य नारायण दास ने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। कथा श्रवण से मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में शांति एवं संतुलन आता है।
गर्मी के कारण बदला समय, शाम 4 बजे से कथा
भीषण गर्मी को देखते हुए कथा का समय परिवर्तित कर प्रतिदिन शाम 4 बजे से किया गया है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा का श्रवण कर रहे हैं।
28 अप्रैल तक चलेगा ।
आयोजन
श्रीमद भागवत कथा का आयोजन श्रीमती प्रेमशीला–पोषण साहू एवं साहू परिवार, पंजाबी पारा द्वारा किया जा रहा है। आयोजन में आसपास के श्रद्धालुओं का भी सराहनीय सहयोग मिल रहा है। आगामी दिनों में प्रहलाद चरित्र, वामन अवतार तथा श्रीराम-कृष्ण प्राकट्य उत्सव सहित विभिन्न पौराणिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। कथा का क्रम 28 अप्रैल तक निरंतर जारी रहेगा।

