


1 जनवरी 2025/ महासमुंद/ अंतर्राष्ट्रीय पुरातात्विक स्थल एवं प्राचीन दक्षिण कोसल की वैभव शाली राजधानी रही सिरपुर के विकास एवं विश्व धरोहर की सूची मे शामिल कराने की कवायद के चलते केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत , छत्तीसगढ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा , छत्तीसगढ के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल , सांसद रूपकुमारी चौधरी का एकदिवसीय कार्यक्रम के तहत सिरपुर आगमन हुआ । गौरतलब है कि सन् 1953 से 1956 के बीच सागर यूनिवर्सिटी के प्राचीन इतिहास के प्रोफेसर एम जी दीक्षित के नेतृत्व मे उत्खनन के बाद सन् 1999 से 2011 के बीच ASI के महानिदेशक जगतपति जोशी एवं पुरातत्व वेत्ता अरूण शर्मा के नेतृत्व मे हुए उत्खनन मे सिरपुर मे 34 राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय महत्व के एवं पर्यटन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थल मिले है । महानदी के किनारे स्थित सिरपुर मे 34 पुरातात्विक स्थल मिलने के बावजूद ढेरो स्थानो मे उत्खनन कार्य बाकी है । बौद्ध , हिन्दू एवं जैन धर्म के महत्वपूर्ण पुरातात्विक प्रमाणो के स्थलो वाले सिरपुर मे लगभग 02 दशक पहले विकास एवं विश्व धरोहर की सूची मे शामिल करने के प्रयास प्रारंभ हुए , जो आज तक चल रहा है । तमाम प्रयासो के बावजूद सिरपुर आज तक विश्व धरोहरो की सूची मे शामिल नही हो पाया है । गौरतलब है कि महासमुंद लोकसभा की सांसद श्रीमती रुपकुमारी चौधरी ने इस मुद्दे को संसद मे उठाया भी था । आज इसी कड़ी मे सिरपुर पहुंचे केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि सिरपुर की पुरा संपदा एवं विकास यात्रा देखने के साथ सिरपुर को पर्यटन का केन्द्र बनाया जा सके इस उद्देश्य से हम यहाँ आये हैं ।
सिरपुर के महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलो के भ्रमण एवं अवलोकन के बाद केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि पिछले 11 सालो से भारत के धरोहरो को विश्व धरोहर की सूची मे शामिल कराया जा है । सिरपुर को भी विश्व धरोहर की सूची मे शामिल कराने के प्रयास जारी है ।

