


न्यूज मंच डेस्क / 6 मई 2027/ महासमुंद/ जिले में बीती रात आई तेज अंधड़ और बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। रबी सीजन की खड़ी धान की फसल खेतों में गिर गई और जलभराव के कारण फसल खराब हो गई है।इससे परेशान किसान अब शासन-प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगा रहे हैं।




महासमुंद मुख्यालय से लगे कौंदकेरा, मुस्की, बनसिवनी, कांपा, गोपालपुर, सोरिद और परसदा (ब) सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों में अंधड़ और बारिश का भारी असर देखने को मिला है। तेज हवाओं और बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया और खड़ी धान की फसल जमीन पर गिर गई। कई स्थानों पर धान झड़ जाने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार, अलग-अलग गांवों में 30 से 50 एकड़ तक फसल प्रभावित हुई है। रेघा पर खेत लेकर खेती करने वाले किसानों के लिए यह नुकसान और भी गंभीर साबित हो रहा है। किसानों का कहना है कि फसल पूरी तरह तैयार थी और एक-दो दिनों में कटाई होने वाली थी, लेकिन अचानक मौसम बिगड़ने से आधे से ज्यादा फसल बर्बाद हो गई। अब उन्हें खेत मालिक को भुगतान और खाद-बीज के खर्च की चिंता सता रही है।
इधर, प्रशासन ने भी मामले को संज्ञान में लिया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बताया कि फसल नुकसान की सूचना मिल चुकी है और सभी एसडीएम को नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। आंकलन के बाद नियमानुसार किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
गौरतलब है कि बीती रात जिले के छह तहसीलों में औसतन 17.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। महासमुंद में 22 मिमी, बागबाहरा में 25 मिमी, पिथौरा में 10.1 मिमी, बसना में 12.6 मिमी, सरायपाली में 2 मिमी और कोमाखान में 32.6 मिमी वर्षा हुई।

