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न्यूज मंच डेस्क /महासमुंद/ छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना में ई-केवाईसी और नाम सुधार के नाम पर हितग्राहियों से पैसे लिए जाने का मामला सामने आया है। महासमुंद जिले की कई महिलाओं ने आरोप लगाया है कि च्वाइस सेंटर संचालक नि:शुल्क प्रक्रिया होने के बावजूद उनसे शुल्क लिये हैं। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग ने ऐसी किसी शिकायत से इनकार किया है।

जानकारी के अनुसार महासमुंद जिले में महतारी वंदन योजना के तहत करीब 3 लाख 3 हजार हितग्राही पंजीकृत हैं। योजना के तहत महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। हितग्राहियों का सत्यापन, नाम त्रुटि सुधार, बैंक खाते को आधार से लिंक करने और फर्जी हितग्राहियों को हटाने के लिए अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक ई-केवाईसी अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए जिले में 341 च्वाइस सेंटर अधिकृत किए गए हैं और अब तक लगभग 2 लाख 26 हजार हितग्राहियों की ई-केवाईसी हो चुकी है।लेकिन आरोप है कि कई च्वाइस सेंटर संचालक ई-केवाईसी के लिए 30 रुपये और नाम सुधार फॉर्म के नाम पर 20 रुपये ले रहे हैं।

हितग्राहियों का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है। कई महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि नाम सुधार कराने के लिए उन्हें कई दिनों तक च्वाइस सेंटर और महिला बाल विकास विभाग के चक्कर लगाने पड़े।

वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी टी.के. जाटव ने कहा कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है।उन्होंने बताया कि विभाग को अब तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी ई-केवाईसी के नाम पर पैसे लिये जाने के आरोप सोशल मीडिया में सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।

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