


न्यूज मंच डेस्क / महासमुंद/ 30 जुलाई 2026/ जिले में पिछले एक सप्ताह से रुक-रुक कर हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है। एक जून 2026 से अब तक जिले में 720.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। सोनदूर डैम से पैरी और महानदी में पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने महानदी किनारे बसे ढाई दर्जन से अधिक गांवों में हाई अलर्ट जारी किया है।


इसी बीच गुरुवार को जिला प्रशासन की बाढ़ बचाव टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर तीन लोगों की जान बचाई। पहली घटना बम्हनी गांव के सितली नाला की है, जहां जलस्तर बढ़ने के कारण नाले के किनारे स्थित एक फर्शी उद्योग में रात से रुके दो मजदूर बाहर नहीं निकल पा रहे थे। सूचना मिलते ही 15 सदस्यीय बाढ़ बचाव दल नाव एवं आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचा और संतोष साहू तथा दुकालु निषाद को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके घर रवाना किया। दोनों मजदूर गरियाबंद जिले के निवासी हैं।

दूसरी घटना गढ़सिवनी क्षेत्र की है, जहां रायपुर निवासी 41 वर्षीय महेंद्र टंडन खेत में बने पंप हाउस में रात के समय रुके हुए थे। सुबह अचानक महानदी का जलस्तर बढ़ने से चारों ओर पानी भर गया और वे वहीं फंस गए। सूचना मिलते ही बाढ़ बचाव दल मौके पर पहुंचा और सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें बाहर निकाला।


लगातार बारिश के कारण खेमड़ा पुल भी क्षतिग्रस्त होकर बह गया है, जिससे आसपास के पांच गांवों का संपर्क टूट गया है। इससे ग्रामीणों, किसानों तथा स्कूली बच्चों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जिला प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिलेवासियों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें। किसी भी पुल या पुलिया पर पानी चढ़ा हो तो उसे पार करने का प्रयास न करें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।

