



न्यूज मंच डेस्क / महासमुंद/ सरायपाली तहसील के ग्राम बरिहापाली के श्रमिकों और बच्चों को तमिलनाडु के नमक्कल जिले में बंधक बनाए जाने की सूचना पर महासमुंद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें सुरक्षित मुक्त करा लिया।रेस्क्यू टीम और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से सभी को बंधन से मुक्त कराया गया।श्रम पदाधिकारी डी.एन. पात्र ने बताया कि श्रमिकों को तमिलनाडु के वेलुर तहसील क्षेत्र में मुक्त कराया गया है। मौके पर आवश्यक प्रशासनिक एवं कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।औपचारिकताएं पूरी होने के बाद श्रमिकों के महासमुंद के लिए रवाना होने की संभावना है। इन लोगो को शुक्रवार तक जिले में पहुंचने की उम्मीद है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बरिहापाली के पुनीत राम यादव (65), उनके पुत्र रोहित यादव (23), बहन तेजवंती (30), उमेश यादव (11), मानसी यादव (7) और तुलसी यादव (40) रोजगार के लिए तमिलनाडु गए थे। वहां काम पसंद नहीं आने पर वे वापस अपने गांव लौटना चाहते थे, लेकिन ठेकेदार द्वारा उन्हें वापस भेजने से मना कर दिया गया। इसके बाद पुनीत राम यादव की पत्नी मीना यादव ने सरायपाली के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनोज कुमार खांडे के समक्ष आवेदन देकर अपने पति सहित अन्य श्रमिकों को वापस लाने के लिए प्रशासन से मदद मांगी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विनय लंगेह के निर्देश पर श्रमिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए रेस्क्यू टीम गठित कर तमिलनाडु भेजी गई। टीम ने स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई पूरी की और सभी श्रमिकों एवं बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया। रेस्क्यू टीम में सरायपाली के नायब तहसीलदार हरि प्रसाद भोई, लेबर इंस्पेक्टर टीकम चंद्राकर, कांस्टेबल हेमंत भोई एवं गायत्री कंवर शामिल रहे। टीम ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से श्रमिकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित की। जिला प्रशासन द्वारा अब श्रमिकों की महासमुंद वापसी के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं और औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

