




न्यूज मंच डेस्क / महासमुंद/ शहर की महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल गौरव पथ, बीटीआई रोड और कलेक्टोरेट पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य तय समय-सीमा खत्म होने के बाद भी अधूरा है। करीब 2.3 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के लिए शासन ने लगभग 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। मई 2025 में लोक निर्माण विभाग ने मेसर्स किरण बिल्डकान, बेमेतरा को कार्यादेश जारी किया था और फरवरी 2026 तक काम पूरा किया जाना था। बावजूद इसके अब तक करीब 50 प्रतिशत ही काम पूरा होने की बात सामने आ रही है।कलेक्टोरेट से बरोंडा चौक तक लगभग डेढ़ किलोमीटर हिस्से में जगह-जगह गड्ढे और बिखरे पत्थरों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद सड़क की स्थिति और खराब हो गई है। पैदल चलने वालों के साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी आवागमन में दिक्कत हो रही है।

कांवरियों के लिए बनी बड़ी परेशानी
सावन के महीने में इस सड़क से गुजरने वाले कांवरियों की परेशानी और बढ़ गई है। बम्हनी से जल लेकर करीब 45 किलोमीटर दूर सिरपुर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने पैदल जाने वाले कांवरियों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण नंगे पैर चलना मुश्किल हो रहा है। गड्ढों और उबड़-खाबड़ रास्ते के चलते पैरों में छाले पड़ने और चोट लगने का खतरा बना हुआ है।कांवरिया युशू पटेल और रुपेश पटेल ने सड़क की स्थिति को लेकर नाराजगी जताते हुए जल्द सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग की।

विभागों के बीच समन्वय का सवाल
सड़क निर्माण में देरी को लेकर जिम्मेदार विभागों से सवाल किए जाने पर लोक निर्माण विभाग और बिजली विभाग के अधिकारियों ने अपने-अपने तर्क दिए। बिजली पोल और अन्य विद्युत संबंधी कार्यों को लेकर भी निर्माण प्रभावित होने की बात सामने आई है। ऐसे में ठेकेदार, लोक निर्माण विभाग और बिजली विभाग के बीच बेहतर समन्वय नहीं होने का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता पी.आर. वर्मा का कहना है कि विद्युत विभाग के कारण कार्य में देरी नही हुई है । जब -जब परमिट मांगा गया है परमिट दी गयी है ।
लोक निर्माण विभाग के एसडीओ ए.के. अग्रवाल ने बताया कि 50 प्रतिशत काम हो चुका है और दिसंबर 2026 तक कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा।
दिसंबर तक पूरा करने का दावा
फिलहाल लोक निर्माण विभाग ने दिसंबर 2026 तक सड़क का काम पूरा करने का लक्ष्य बताया है और शासन से निर्माण अवधि बढ़ाने की मांग की है।हालांकि निर्माण की मौजूदा गति को देखते हुए दिसंबर तक काम पूरा होगा या नहीं, यह सवाल बना हुआ है।शहर की यह सड़क जिले के आला अधिकारियों से लेकर आम नागरिकों तक के लिए महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग है। ऐसे में करीब एक साल से चल रहे निर्माण कार्य के बावजूद सड़क का अधूरा रहना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अब लोगों को इंतजार है कि गौरव पथ को कब उसका गौरव वापस मिलेगा और बदहाल सड़क से कब राहत मिलेगी।

