



न्यूज मंच डेस्क / महासमुंद/ खैर लकड़ी के अवैध परिवहन और फर्जी एनओसी के मामले में महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी मनीष अग्रवाल के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम मुड़पार स्थित मकान से 81 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। पुलिस ने न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद 7 सितंबर 2026 को मकान की तलाशी ली थी। बरामद रकम को अपराध से अर्जित संपत्ति से जुड़ा होने की आशंका के चलते भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत कुर्की की कार्रवाई शुरू की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर खैर लकड़ी के अवैध परिवहन और फर्जी एनओसी के मामले में थाना पिथौरा में जुलाई 2026 में अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया था। प्रकरण में बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111, 25 आर्म्स एक्ट तथा भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 42(1), सहपठित धारा 41(2)(ख)(घ) और धारा 52(1) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
23,350 किलो खैर लकड़ी के अवैध परिवहन का मामला
पुलिस का कहना है कि करीब 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए एनटीपीएस (NTPS) एनओसी में कथित तौर पर कूटरचना की गई और उसे वास्तविक दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया गया। मामले की विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ स्थित मकान की तलाशी के लिए न्यायालय से सर्च वारंट लिया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने 7 सितंबर को मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान 500-500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां बरामद हुईं। पुलिस के मुताबिक इन गड्डियों में कुल 16,200 नोट थे, जिनकी कुल कीमत 81 लाख रुपये है। पुलिस ने रकम को मौके पर विधिवत जब्त कर लिया।
धारा 107 के तहत कुर्की की कार्रवाई
महासमुंद पुलिस के अनुसार, जब्त की गई 81 लाख रुपये की नकदी अपराध से अर्जित संपत्ति होने की आशंका के चलते भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के प्रावधानों के तहत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर इसकी कुर्की के लिए आवेदन किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है और नकदी के स्रोत तथा प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। विवेचना में आगे और भी तथ्य सामने आने की संभावना है।
महासमुंद से ओडिशा तक मामले दर्ज होने का दावा
पुलिस के अनुसार आरोपी मनीष अग्रवाल के खिलाफ महासमुंद, माना और रायगढ़ सहित ओडिशा में भी पुलिस एवं वन विभाग से संबंधित कई मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इन मामलों और वर्तमान प्रकरण के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।महासमुंद पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने मामले में पुलिस की कार्रवाई और आगे की विवेचना के संबंध में जानकारी दी।

