2 अप्रैल 2025/ पूर्व नगर पालिका कार्यकारी अध्यक्ष कृष्णा चंद्राकार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि शराब दुकानों में बढ़ोतरी कर गांव- गांव शराब का कारोबार बढ़ाने वाली भाजपा सरकार की मंशा को समझने की आवश्यकता है। शराब के दामों में भारी गिरावट करना प्रदेश को नशे की गिरफ्त में डुबाने जैसा निर्णय है । बीजेपी सरकार की सोच दर्शाती है कि स्कूलों में उपयोग होने वाली स्टेशनरी सामग्रियों में लगातार बढ़ोतरी करना और शराब जैसे जहर के दामों को कम करना छत्तीसगढ़ प्रदेश को नशे का आदि बनाने वाला कार्य है। पूर्ण शराब बंदी का दावा करने वाली ये सरकार लगातार गांव गांव में शराब का करोबार कर रही है। जिस गति से प्रदेश में शराब का कारोबार का विस्तार राज्य की सरकार कर रही है उस गति से अगर वह मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम करती तो प्रदेश की जनता का भला होता। शराब जैसे जहर का दाम कम कर आखिर सरकार किसको लाभ दिलाना चाहती है इस बात को प्रदेश की जनता को समझने की आवश्यकता है। आज लगातार शराब के नशे के चलते प्रदेश का माहौल बिगड़ता जा रहा घर घर शराब के नशे के चलते बर्बाद हो रहा है और ऐसे में शराब जैसे जहर के दामों को कम करना आखिर क्या संदेश देता है।
श्री चंद्राकार ने कहा कि जिस मोदी की गारंटी के खोखले वादों के दम पर सत्ता प्राप्त करने वाली यह सरकार को सिलेंडर के दामों की कमी याद नहीं आई। बेरोजगारी की मार झेलने वाले हजारों युवाओं को रोजगार देने की याद नहीं आई। स्कूलों में उपयोग होने वाली स्टेशनरी के दामों में कमी करने की याद नहीं आई। जो वादे सरकार ने प्रदेश की जनता से किए थे उसे पूरा करने के बजाए शराब के दाम में भारी कटौती करना यह संदेश देता है कि प्रदेश की युवा तरुनाई नशे में डूब जाए और सरकार से सवाल करना छोड़ दे। लेकिन प्रदेश का नौजवान आज सरकार की कथनी और करनी को समझ रहा है वह देख रहा की कैसे एक सरकार जहर के कारोबार को तेजी से विकसित करने के लिए इसका विस्तार गांव गांव में दुकानें खुलवाकर गांव के शांत माहौल को अशांत करना चाह रही है। श्री चंद्राकार ने कहा कि आज प्रदेश के युवाओं को बेहतर स्वस्थ और शिक्षा की आवश्यकता है न कि शराब दुकानों की बेहतर शिक्षा संस्थान की अवश्यकता है शिक्षा को सस्ती करने की दरकार है यह सब जानते हुए भी शराब का करोबार का विस्तार करना और इस जहर के दामों को घटाना सरकार की निम्न स्तर की सोच को स्पष्ट करता है। आज प्रदेश का विद्यार्थी और नौजवान सरकार की मंशा को समझ गया है।
