



7 जनवरी 2026/ महासमुंद/ एथलीटों को बेहतर प्रदर्शन करने , जोडो पर कम दवाब और सभी मौसमों में दौड़ने की सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से खेलो इंडिया के तहत करोड़ो रुपयो से महासमुंद जिले मे बना सिंथेटिक ट्रैक हैण्ड ओवर होने से पहले ही क्रेक हो गया है और मैदान पर छोटी – छोटी झाड़ियां उग गयी है , शाम के समय असमाजिक तत्वो का जमावड़ा के साथ अपने उद्देश्यों की पूर्ति नही कर पा रहा है । जहां आम नागरिक व खिलाड़ी दोनो गुणवत्ता विहिन निर्माण कराने का आरोप लगाते हुवे ट्रैक पर फजूल गतिविधियां बंद कराने की बात कह रहे है ,वही आला अधिकारी जल्द कमियां दूर कराकर वन विभाग को हैंड ओवर कराने की बात कह रहे है ।




महासमुंद जिले के एथलीटों को बारह माह अभ्यास करने व सुविधा युक्त सिंथेटिक ट्रैक उपलब्ध कराने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग के द्वारा खेलो इंडिया के तहत 6 करोड़ 60 लाख एवं जिला खनिज न्यास मद से 01 करोड़ रुपये कुल 07 करोड़ 60 लाख रुपये स्वीकृत हुई । वन विभाग के खेल परिसर में निर्माण होने वाले सिंथेटिक ट्रैक के लिए कार्य एजेंसी छत्तीसगढ़ निर्माण मण्डल संभाग महासमुंद को बनाया गया । छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल ने वर्ष 2022 में वर्क ऑर्डर जारी करते हुवे मेसर्स आकृति कस्ट्रक्शन रायपुर को ठेका दिया । ठेकेदार ने जनवरी 2023 में सिंथेटिक ट्रैक बनाने का कार्य शुरु किया , जिसे 09 माह में पूर्ण कर लेना था , पर जनवरी 2026 (27 माह बाद भी) तक न तो कार्य पूर्ण हुआ और न ही किसी विभाग को रखरखाव के लिए हैण्ड ओवर हुआ । आज ट्रैक में कई जगहों पर क्रेक दिखाई दे रहा है । खाली मैदान में छोटे- छोटे झाड़ उगे है । शाम के वक्त असमाजिक तत्वो का जमावड़ा रहता है । ट्रैक पर लोग योगा , टहलना आदि कर रहे है और बिना हैण्ड ओवर के कई खेल का आयोजन हो रहे है । जिसके कारण शासन के करोड़ो रुपयों से बना सिंथेटिक ट्रैक बर्बाद हो रहा है और तीनो जिम्मेदार विभाग ( खेल एवं युवा कल्याण विभाग , वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल ) आंख मूंदे हुवे है । नागरिक व एथलीट के खिलाड़ी गुणवत्ता विहिन निर्माण कराने का आरोप लगाते हुवे ट्रैक पर फजूल गतिविधियां बंद कराने की मांग कर रहे है ।
सिंथेटिक ट्रैक निर्माण एजेंसी छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के कार्यपालन अभियंता नरेन्द्र चन्द्राकर ने बताया कि स्वीकृत राशि पूरी समय पर नही आने के कारण हैण्ड ओवर नही किया गया है अभी शेष राशि एक करोड़ आ गयी है,कमियां दूर कर हैण्ड ओवर की कार्यवाही की जायेगी ।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बताया कि राशि नही आने का इश्यू था ,जो अब आ गयी है जल्द ही वन विभाग को हैण्ड ओवर हो जायेगा ।
गौरतलब है कि सिंथेटिक ट्रैक का इस्तेमाल एथलीटो के बजाय क्रिकेट , योगा , वाकिंग का इस्तेमाल करने एवं रखरखाव की जिम्मेदारी सुनिश्चित नही करने से शासन के करोड़ों रुपये से बना सिंथेटिक ट्रैक अपने उद्देश्यों की पूर्ति नही कर पा रहा है ,जो एक बड़ा सवाल है ।

