




10 फरवरी 2025/ महासमुंद / पुलिस का हुआ तमाशा , सिपाही बना तमाशेबाज , जनता बनी तमाशबीन , सरकारी अस्पताल बना तमाशगाह । “परित्राणाय साधूनाम् ” यह एक छत्तीसगढ़ पुलिस का आदर्श स्लोगन है। जिसका अर्थ है साधुओं- सज्जनों की रक्षा , जो अक्सर पुलिस के प्रतीक चिन्ह के साथ लिखा होता है। पर यही पुलिस का आरक्षक नशे की हालत में सड़क पर लेटा हो और उसका वीडियो वायरल हो जाये तो आप क्या कहेंगे । जी हां , ऐसा ही नजारा वायरल वीडियो मे दिखा ,जो महासमुंद जिले के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला चिकित्सालय के जाने वाले रोड़ का है । जहां आरक्षक लाल सिंह बाकरे 09 फरवरी को सुबह 11 बजे नशे के हालत में महासमुंद से मेडिकल कालेज मोड़ में आया और लड़खड़ाते हुवे एक ठेला के बगल में सड़क पर बैठ जाता है । कुछ देर बैठे रहने के साथ धीरे – धीरे वही सड़क पर सो गया । आने जाने वाले लोग वहां से आ जा रहे थे ,पर किसी की हिम्मत नही हुई कि उस आरक्षक को वहां से हटाये । लगभग आधा घंटे तक आरक्षक वहां लेटा रहा । उसके बाद एक व्यक्ति आया और उस आरक्षक को वहां से उठाया । उठाते समय भी आरक्षक इधर- उधर लड़खड़ाता रहा । आरक्षक के पैर से जूता बाहर निकल गया था । बाद में पुलिसकर्मी उस आरक्षक को लेकर मेडिकल कालेज ले जाकर चिकित्सा परीक्षण कराये । इस पूरे मामले में मीडिया ने जब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से सवाल किया तो उन्होने बताया कि ये घटना मेरे संज्ञान में आयी है कि एक आरक्षक नशे के हालत में अस्पताल के मोड़ पर लेटा है । वो खल्लारी थाना में पदस्थ है । जिसका मुलायजा कराया गया है ,जिसमें शराब की पुष्टि हुई है , जिसपर विभागीय कार्यवाही की जा रही है । गौरतलब है कि पुलिस जहां नशे के कारोबार को बंद कराने के लिए जहां अभियान चला रहा है ,वही पुलिस आरक्षक ऐसे नशे में झूमे तो पुलिस के कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न है । बहरहाल देखना होगा कि अनुशासन के लिए जानी जाने वाली पुलिस अब क्या कार्यवाही करती है ।
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