





12 फरवरी 2026/ महासमुंद जिले के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला अस्पताल में आग लगने पर सुरक्षा के लिए छोटे- छोटे अग्निशमन यंत्र लगाये गये है , जिसका वर्तमान में वैधता तिथि समाप्त हो गयी है । जिसे आग लगने पर इस्तेमाल नही किया जा सकता । उसके बावजूद ये अग्निशमन यंत्र ऐसे ही अस्पताल के दीवारो पर शो पीस की तरह लगे हुवे है । दरअसल शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय 380 बिस्तर वाला अस्पताल है और अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 450 से 500 मरीज ओपीडी में इलाज कराने आते है । अस्पताल प्रबंधन आग लगने पर सेंट्रल आग सिस्टम तो लगा रखा है ,पर आग लगने पर तत्काल बुझाने के लिए पूरे अस्पताल में छोटे – छोटे 90 अग्निशमन यंत्र दीवारो पर लटकाये हुवे है । जिसका रिफलिंग का कार्य पी आर इण्टरप्राइजेज रायपुर को दिया गया है । इस संस्था ने इन अग्निशमन यंत्रो की रिफलिंग 16 जनवरी 2025 व 29 जनवरी 2025 को की थी । जिसकी वैधता तिथि 15 जनवरी 2026 व 28 जनवरी 2026 है ,वैधता तिथि समाप्त होने के लगभग एक माह बाद भी आज तक इन अग्निशमन यंत्रो की रिफलिंग नही की गयी ,जो कहीं न कहीं अस्पताल प्रबंधन व जिम्मेदार संस्था की लापरवाही को प्रदर्शित करता था । अगर कहीं आग लग जाती है तो सबसे पहले इन्ही छोटे – छोटे अग्निशमन यंत्रो का इस्तेमाल किया जाता है । उसके बाद कही सेंट्रल आग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है । नियमानुसार जिम्मेदार संस्था को समयानुसार रिफलिंग करना अनिवार्य होता है । उसके बावजूद सैकड़ों लोगो के साथ इस तरह का खिलवाड़ कहीं न कहीं अस्पताल प्रबंधन के लापरवाही को उजागर करता है । बहरहाल इस पूरे मामले मे अस्पताल अधीक्षक आज रिफलिंग कर लिये जाने की बात कह रहे है ।

