




14 फरवरी 2026/ महासमुंद/ केन्द्र सरकार ने आकांक्षी जिलो में स्वास्थ्य सुविधा बेहतर प्रदान करने के उद्देश्य से आकांक्षी जिला महासमुंद में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय खोला है ,परन्तु मेडिकल कालेज में पिछले 14 दिनों से सोनोग्राफी कक्ष में नोटिस चस्पा कर दिया गया है कि सोनोग्राफी चिकित्सक नही होने के कारण सोनोग्राफी सुविधा अनिश्चितकालीन के लिए बंद कर दी गयी है । जिससे मरीजो को काफी दिक्कत हो रही है और मरीज सोनोग्राफी के लिए ज्यादा पैसा खर्च कर निजी अस्पतालो में जाने को मजबूर है ।

आकांक्षी जिला महासमुंद में 7 मई 2021-22 में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय खोला गया । 380 बिस्तर वाले चिकित्सा महाविद्यालय में उडीसा , गरियाबंद , सरायपाली , बसना , पिथौरा , बागबाहरा से रोजाना ओ पी डी में 450 से 500 मरीज आते है और औसतन प्रत्येक दिन 08 गर्भवती महिलाओं का प्रसव होता है । अस्पताल में प्रत्येक दिन औसतन 35 से 40 मरीज ऐसे होते है जिनका सोनोग्राफी होना होता है । नियमानुसार गर्भवती , एक वर्ष के बच्चे का , सिनियर सिटीजन एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत किये जाने वाली सोनोग्राफी नि: शुल्क होती है एवं शेष सभी मरीजो से सोनोग्राफी के लिए 100 रुपये लिये जाते है । परन्तु सोनोग्राफी चिकित्सक के नही होने के कारण अस्पताल में 01 फरवरी से सोनोग्राफी बंद कर दी गयी है । जिससे गर्भवती महिलाओं , आंतरिक अंगो की जांच में किये जाने वाले सोनोग्राफी के लिए मरीजो को निजी अस्पताल जाना पड़ रहा है । जिससे मरीजो को परेशानी के साथ ज्यादा आर्थिक बोझ उठानी पड़ रही है । मरीज के परिजनो ने बताया कि सोनोग्राफी सुविधा बंद हो जाने से काफी परेशानी हो रही है ।
इस पूरे मामले में अस्पताल अधीक्षक का कहना है कि दिसम्बर में सोनोग्राफी चिकित्सक का अनुबंध समाप्त हो गया है । चिकित्सक के द्वारा एक माह का नोटिस देने के पश्चात जनवरी लास्ट से काम पर नही आ रहे है ,जिसके कारण सोनोग्राफी सुविधा बंद है । जिसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गयी है । जैसे से ही कोई व्यवस्था होती है तो सोनोग्राफी सुविधा चालू हो जायेगी ।
गौरतलब है कि सोनोग्राफी (अल्ट्रासाउंड) अस्पताल में शरीर के आंतरिक अंगों, ट्यूमर, संक्रमण और गर्भस्थ शिशु की वास्तविक समय में, बिना दर्द और बिना हानिकारक रेडिएशन (X-ray की तरह) के जांच के लिए आवश्यक है। यह लीवर, किडनी, पेट की समस्याओं का निदान करने, रक्त प्रवाह का आकलन करने और बायोप्सी जैसी प्रक्रियाओं में डॉक्टरों की मदद करती है। बहरहाल देखना होगा कि शासन – प्रशासन कब तक चिकित्सक नियुक्त करता है और सोनोग्राफी की सुविधा दोबारा मरीजो को मिल पायेगी ।

