





2 मार्च 2026/ महासमुंद/रंगों के पर्व होली की आहट के साथ ही महासमुंद का बाजार पूरी तरह रंगीन नजर आने लगा है। चारों ओर गुलाल की खुशबू, रंग-बिरंगी पिचकारियों की कतारें और फाग गीतों की गूंज से माहौल उत्सवमय हो गया है। बच्चों से लेकर बड़ों तक में होली की खरीददारी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।महासमुंद जिले के बाजार इन दिनों अलग-अलग रंगों के गुलाल, रंग , पिचकारियां , नगाड़ा, मुखौटे और तरह-तरह की होली सामग्री से सजे हुए हैं।
पिचकारी

5 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक की आकर्षक पिचकारियां उपलब्ध हैं। भीम गदा पिचकारी, बंदूक वाली पिचकारी, अग्निशमन बोतल के आकार की पिचकारी, डोरेमान डिजाइन और चाइनीज गन पिचकारी बच्चों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
रंग

बाजार में केमिकल युक्त रंगों के साथ-साथ हर्बल गुलाल और प्राकृतिक रंगों की भी अच्छी-खासी मांग देखी जा रही है।
नगाड़ा

वहीं पारंपरिक उत्साह को बनाए रखने के लिए 150 रुपये जोड़े से लेकर 3000 रुपये तक के छोटे-बड़े नगाड़े भी बाजार में उपलब्ध हैं।
विक्रेता
दुकानदार दीपक नंदवानी के अनुसार इस वर्ष हर्बल रंग और गुलाल की मांग में बढ़ोतरी हुई है और बिक्री संतोषजनक चल रही है।
आम नागरिक
वहीं खरीददारी करने पहुंचे कुंदन साहू , पप्पू साहू ने बताया कि होली प्रेम, भाईचारे और आपसी सौहार्द का त्योहार है, जिसे शांतिपूर्ण और खुशियों के साथ मनाना चाहिए।
चिकित्सक की सलाह
चिकित्सक डॉ. एच. बी. कालीकोठी ने लोगों से अपील की है कि केमिकल युक्त रंगों से बचें, क्योंकि इससे त्वचा और आंखों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने हर्बल रंगों के उपयोग और बच्चों की विशेष देखभाल की सलाह दी है।
गौरतलब है कि इस वर्ष होलिका दहन 02 मार्च को तथा रंगों की होली 04 मार्च को खेली जाएगी।


