



17 जनवरी 2025/महासमुंद पुलिस ने दस महीने पहले कोडार के जंगलो में मिली जली महिला की लाश की गुत्थी सुलझा ली है । हत्यारा चंद सोने के गहने के लालच में महिला का गला दबाकर की हत्या ,फिर उसे जलाया । पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सोने के जेवरात और बाइक को जब्त किया है । आरोपी सूरज ध्रुव वर्ष 2018 में अपनी के हत्या के जुर्म में जेल गया था और छूटने के बाद इस घटना को दिया था अंजाम । अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 2 अप्रैल 2025 को प्रार्थी देवदास चेलक से सूचना मिली कि उलट कोडार डेम के सागौन जंगल मे एक अज्ञात महिला का शव जली हुए हालत मे क्षत विक्षत पड़ी हुई । सूचना पर थाना तुमगांव पुलिस ने धारा 103(1), 238 बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया। विवेचना के दौरान अज्ञात महिला का डीएनए टेस्ट से पहचान सुनीता रजक उम्र 55 वर्ष निवासी धमतरी के रूप में हुई। मृतक के परिजनो ने बताया कि उक्त महिला अपनी बड़ी बहन के घर ग्राम पटेवा मड़ई मेला देखने आई थी । 30 जनवरी 2025 को पटेवा से महासमुन्द जाने के लिए किसी अज्ञात व्यक्ति से मोटरसायकल में लिफ्ट लेकर निकली थी। जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना पटेवा में दर्ज किया गया था। अज्ञात महिला की शव की पहचान होने पश्चात् पुलिस द्वारा लगातार आरोपी की पतासाजी की जा रही थी। पुलिस संदेही सूरज ध्रुव निवासी ग्राम खुंटेरी थाना खल्लारी से पूछताछ करने पर अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि दिनांक 01 अप्रैल 2018 को अपनी पत्नी संतोषी ध्रुव के हत्या के जुर्म में तुमगांव थाना के मामले में दिसम्बर 2024 तक जेल में सजा काटा है। जेल से छुटने के बाद वह अपने बहन और जीजा के घर ग्राम कौंवाझर में रहता था । अपने जीजा के मोटर सायकल को चलाता था। 30 जनवरी 25 को सूरज ध्रुव मोटरसायकल लेकर सुबह के वक्त पटेवा बस्ती कि ओर घूमने गया था। वहां से वापसी के समय ग्राम पटेवा के नंदी चौक के पास उससे एक महिला ने लिफ्ट मांगकर अपनी बहन को आगे बस स्टैंड तक छोड़ने के लिए कहा।अ उस महिला को अपने गाड़ी में बैठाकर महासमुंद ले जाउंगा बोलकर, उसे अपने झांसेे में लेते हुये कोडार डेम घूमाने के बाद शाम को महासमुंद छोड़ने का झांसा दिया। तब वह महिला इसके बातो में आ गई और दोनो कोडार डेम चले गये । फिर इसने महिला को अपने बातो में फंसाकर, काम दिलाउंगा और अपने साथ रखूंगा, और तुम्हारे घरवालों को भी नया काम मिला है बता देंगे । आरोपी उसे अपने जीजा के घर के पीछे वाले घर में जो कई वर्षाे से बंद था वहां पर मृतिका सुनीता रजक के लिए रहने, सोने, और खाने का इंतजाम कर दिया। ऐसे ही करीब डेढ माह बीत जाने पर महिला अपने घर छोडने की जिद करने लगी और उससे लड़ाई करने लगी। तब इसके मन में लालच आ गया था और महिला सुनीता रजक को मारकर उसके पहने हुए गहनो को लुटने के उद्देश्य से मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में एक दिन शाम को करीब 7.00-7.30 बजे उसे खाना खिलाकर चलो तुम्हे तुम्हारे रिश्तेदार के यहां महासमुंद छोड़ देता हूं बोलकर मोटरसायकल में बैठाकर उसे उलट कोडार बस्ती को पार करके कच्ची सड़क रास्ते में सागौन प्लाॅट में ले गया । जब वहां पर सूनसान जंगल देखा तो अपने मोटर सायकल को खराब हो गया बोलकर रोक दिया और उक्त महिला को गाड़ी से उतारकर पीछे से उसके साड़ी को खिंचकर उसका गला दबाकर मार दिया । उसके बाद पहने हुए सोने चांदी के गहने को उताकर अपने पास रख लिया और कच्ची सड़क से थोड़ा दूर अंदर सागौन जंगल में ले जाकर उसके बैग में से साड़ी और अन्य कपड़े को निकालकर महिला के उपर डाल दिया। महिला की पहचान छुपाने के लिए आसपास से सूखे पत्ते तथा लकड़ी डालकर जला दिया। उसके बैग, सैंडल, दवाई एवं अन्य सामानों को भी उससे थोड़ी दूर ले जाकर जलाकर वहां से भागकर वापस अपने घर चला गया। पुलिस ने मृतिका द्वारा पहने गये दो नग सोने का टाप, दो नग चांदी का पायल, 06 नग चांदी का बिछीया, एवं मृतिका के बैग में रखे सोने झुमका का एक नग, तथा घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल सीजी 06 जीए 3140 को आरोपी के कब्जे से जप्त कर बी एन एस की धारा 103(1), 238 कार्यवाही की ।

