



23 जनवरी 2026/ महासमुंद / पूर्व कार्यकारी नगरपालिका अध्यक्ष कृष्णा चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार को शराब की बोतलों के निर्माण एवं उसके रखरखाव की चिंता है पर प्रदेश के किसानों की चिंता नहीं है। जिस प्रकार से प्रदेश की आबकारी नीति शराब की प्लास्टिक बोलत तथा शराब जैसे जहर की दुकानों के विस्तार के लिए भाजपा सरकार नित नई नई योजना का निर्माण कर रही है उससे यह प्रतीत होता है कि प्रदेश सरकार राज्य के नवजवानों को शराब का आदी बनाने में आतुर है राज्य सरकार शराब जैसे जहर के लिए कितनी जवाबदारी और ईमानदारी से रोज नई नई स्कीम बनाने में लगी हुई हैं पर मेहनत कश किसानों की उपज को खरीदने उनके रखरखाव के लिए इस सरकार के पास कोई योजना नहीं है। करोड़ों का धान चूहे खा रहे हैं, रखरखाव के अभाव से हजारों टन धान बर्बाद हो रहा है । सरकार के पास इन समस्याओं के समाधान के लिए कोई योजना नहीं है परंतु शराब कांच की बोतल में सुरक्षित नहीं है कांच की बोतल से शराब खराब हो रही है उसकी हिफाजत के लिए सरकार के पास योजनाओं का अंबार है। किसानों की दशा दिनों दिन बद से बदतर होती जा रही है। खाद और बीज के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी से किसानों की कमर टूट चुकी है । धान खरीदी में जिस प्रकार से रकबा को घटाया गया है । किसानों को चिंता में डाल दिया है आज प्रदेश का लघु एवं सीमांत किसान चिंता और कर्ज के बोझ में डूबा हुआ है। कृष्णा चंद्राकर ने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार को प्रदेश के किसानों से कोई सरोकार नहीं है किसान को सरकार ने उनके हाल में छोड़ दिया है। प्रदेश में इन दिनों शराब जैस जहर के करोबार को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार कैबिनेट की बैठक में नई नई आबकारी नीतियों के लिए मंथन कर रही है और इस मंथन के बाद बाकायदा प्रेस मीडिया में जनमानस को बता भी रही है कि प्रदेश में शराब के कारोबार को बढ़ावा देने 67 नई शराब दुकानों का विस्तार करेंगे साथ ही शराब की सुरक्षा हेतु कांच की शीशी के स्थान पर प्लास्टिक की शीशी का उपयोग करेंगे। श्री चंद्राकर ने कहा कि राज्य के युवाओं और किसानों को सरकार के मनसूबों को समझने की जरूरत है। प्रदेश में पहले भूपेश सरकार अपनी कैबिनेट की बैठकों में किसानों को सौगात देने की योजनाओं को मुहर लगाती थी और शराब दुकानों की संख्या कम करने का निर्णय लेती थी परंतु वर्तमान बीजेपी सरकार के पास किसानों के लिए कोई योजना नहीं है छत्तीसगढ़ की युवा तरुनाई को रोजगार देने के इनके पास कोई योजना नहीं है उल्टे नवजवानों बेरोजगारों को शराब का आदि बनाने के लिए शराब के कारोबार के विकास के लिए रोज नई नई योजना बनती दिख रही है।

