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08 मार्च 2026/ महासमुंद/ छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती प्रेमशीला बघेल को देश की राजधानी New Delhi में आयोजित एक गरिमामय समारोह में “इंटरनेशनल वूमेन्स विजनरी अवार्ड 2026” से सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम वाईएमसीए हॉल में आयोजित किया गया, जहां International Human Rights Ambassador Organization द्वारा उन्हें महिला एवं बाल सशक्तिकरण, डिजिटल वित्तीय समावेशन और ग्रामीण आजीविका विकास के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक के उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर पूर्व सदस्य पैनल ऑफ चेयरपर्सन 17वीं लोकसभा Ramadevi, अभिनेता एवं निर्माता Rajiv Menon, अभिनेत्री Nusrat Jahan, संगठन के सदस्य Manish Gawai तथा अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष Jayalakshmi Rao ने उन्हें सम्मानित किया। प्रेमशीला बघेल पिछले लगभग 30 वर्षों से गरीब, दलित, आदिवासी तथा ग्रामीण-शहरी महिलाओं के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। उन्होंने वर्ष 1994 में मात्र 300 रुपये मानदेय पर बालवाड़ी शिक्षिका के रूप में अपनी सामाजिक यात्रा की शुरुआत की थी। उनके प्रयासों से अब तक 1,500 से अधिक स्व-सहायता समूहों का गठन हुआ और 15,000 से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। उन्होंने 1,000 से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खुलवाने, 50 लाख रुपये से अधिक माइक्रो-क्रेडिट लिंकिंग कराने तथा 850 महिलाओं को डिजिटल बैंकिंग और मोबाइल लेन-देन का प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2005 में उन्होंने Unnayan Jan Vikas Samiti की स्थापना की, जिसके माध्यम से 2,200 से अधिक महिलाओं और युवाओं को साबुन निर्माण, बांस शिल्प, टेराकोटा, हाथकरघा, जैविक खेती सहित विभिन्न आजीविका कौशलों का प्रशिक्षण दिया गया।उनके प्रयासों से 7,500 से अधिक ग्रामीणों तक सामाजिक जागरूकता अभियान पहुंचा और 30 गांवों में बाल विवाह व शराबखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों को कम करने में सफलता मिली। डिजिटल सशक्तिकरण के क्षेत्र में उन्होंने NABARD के ई-शक्ति कार्यक्रम के तहत स्व-सहायता समूहों का डिजिटलीकरण कराया और महिलाओं को UPI, डिजिटल ट्रांजेक्शन, बैलेंस जांच तथा मोबाइल रिकॉर्ड कीपिंग का प्रशिक्षण दिया।
इसके अलावा महासमुंद रेलवे स्टेशन के पास “मां की रोटी” महिला कैंटीन की स्थापना कर महिलाओं को स्वरोजगार से भी जोड़ा गया। वर्ष 2000 में वे United Nations के मंच पर New York में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए महिलाओं की गरीबी और हिंसा से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठा चुकी हैं। उन्हें वर्ष 2025 में भारत के उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के प्रतिष्ठित “वीरांगना अवंतीबाई लोधी पुरस्कार” से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त नाबार्ड, मीडिया समूहों, जिला प्रशासन और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी उन्हें कई बार सम्मानित किया गया है। वर्तमान में वे श्रम विभाग के अंतर्गत जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की सदस्य भी हैं।

महिला दिवस के अवसर पर श्रीमती प्रेमशीला बघेल ने कहा कि “जब नारी शक्ति आत्मविश्वास, शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता से जुड़ती है, तब समाज में स्थायी परिवर्तन संभव होता है।” उनके कार्यों से हजारों महिलाओं में आत्मनिर्भरता, डिजिटल साक्षरता और नेतृत्व की नई चेतना विकसित हो रही है।

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