




13 मार्च 2026/ महासमुंद/ ग्रामीण क्षेत्रों के सभी परिवारों, स्कूलों और आंगनबाड़ियों तक व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 55 लीटर शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई जल जीवन मिशन योजना महासमुंद जिले के लाखों परिवारों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। कभी शुद्ध पेयजल के लिए रोजाना संघर्ष करने वाले ग्रामीणों को अब घर पर ही नल कनेक्शन मिलने लगा है। सुबह और शाम नियमित जल सप्लाई से ग्रामीणों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है और वे इस सुविधा के लिए सरकार को बधाई दे रहे हैं।

पाली गांव में बदली तस्वीर
महासमुंद मुख्यालय से लगभग 32 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत पाली की आबादी करीब 1800 है। पिछड़ा वर्ग बाहुल्य इस गांव में लगभग 341 परिवार निवासरत हैं, जिनका मुख्य व्यवसाय खेती-किसानी है। पहले यहां शुद्ध पेयजल के लिए ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। लोगों को 500 मीटर से लेकर एक किलोमीटर दूर कुएं, तालाब और अन्य जल स्रोतों से पानी लाना पड़ता था। लेकिन जल जीवन मिशन के तहत लगभग 69 लाख रुपये की लागत से पानी की टंकी का निर्माण किया गया और सभी 341 परिवारों के घरों में नल कनेक्शन लगाए गए। अब ग्रामीणों को सुबह एक घंटा और शाम एक घंटा नियमित जल सप्लाई मिल रही है, जिससे पानी के लिए होने वाली परेशानियों से उन्हें बड़ी राहत मिली है।



ग्रामीणों ने जताई खुशी
गांव की दुर्गेश्वरी ध्रुव, झरना मसीही और निलेश साहू सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि घर तक नल कनेक्शन पहुंचने से उनका समय और श्रम दोनों बच रहा है। वहीं सरपंच भुनेश्वर लोधी ने कहा कि इस योजना से गांव में जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है।

प्रशासन का क्या कहना है
महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के अनुसार, ग्रामीणों को उनके घरों में ही शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना ही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है, ताकि महिलाओं और बच्चों को पानी के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े और उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके।

जिले में तेजी से बढ़ रहा नल जल कनेक्शन
गौरतलब है कि महासमुंद जिले में जल जीवन मिशन की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी। जिले के 1117 गांवों के लिए कुल 1130 योजनाएं स्वीकृत की गईं, जिनके तहत लगभग 2 लाख 40 हजार परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। अब तक 358 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं और जिले के करीब 2 लाख परिवारों के घरों तक नल कनेक्शन पहुंच चुका है, जहां ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की सुविधा मिल रही है।

