




14 मार्च 2026/महासमुंद/ न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निराकरण के उद्देश्य से 14 मार्च को जिले में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। आपसी सुलह और समझौते के आधार पर गठित विभिन्न खंडपीठों के माध्यम से कुल 65 हजार 962 प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा 7 करोड़ 54 लाख 33 हजार 398 रुपए की राशि के अवार्ड पारित किए गए।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महासमुंद की प्रभारी सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री चेतना ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय महासमुंद सहित पिथौरा, सरायपाली , बसना और बागबाहरा में सिविल, श्रम एवं राजस्व न्यायालयों को मिलाकर कुल 25 खंडपीठों का गठन किया गया था। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिला न्यायालय परिसर के सभाकक्ष में गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी, अपर सत्र न्यायाधीशगण, अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, अधिवक्तागण, बैंक प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
विभिन्न प्रकरणों का इस प्रकार हुआ निराकरण
बैंक रिकवरी के 4,631 मामलों में ₹30.59 लाख
विद्युत संबंधी 14,329 मामलों में ₹52.02 लाख
श्रम विवाद के 41 मामलों में ₹16.50 लाख
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 27 मामलों में ₹3.33 करोड़
एनआई एक्ट धारा 138 के 30 मामलों में ₹1.40 करोड़
अन्य 231 सिविल मामलों में ₹1.69 करोड़
राजस्व न्यायालयों के माध्यम से 43,122 मामलों का निराकरण
इस प्रकार प्री-लिटिगेशन एवं न्यायालयीन मामलों सहित बड़ी संख्या में प्रकरणों का समाधान कर पक्षकारों को त्वरित राहत प्रदान की गी।
उल्लेखनीय है कि देशभर में उच्चतम न्यायालय से लेकर तहसील स्तर तक एक साथ हाइब्रिड नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसके सफल संचालन के लिए कई माह से तैयारी की जा रही थी तथा पक्षकारों को पूर्व सूचना देकर राजीनामा हेतु प्रोत्साहित किया गया।
लोक अदालत के अवसर पर विशेष निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें न्यायालयीन अधिकारी-कर्मचारी, अधिवक्तागण एवं पक्षकारों की स्वास्थ्य जांच की गई। नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में अधिवक्ताओं तथा न्यायालयीन कर्मचारियों का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।

