




17 मार्च 2026/ महासमुंद/ जिले के बागबाहरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में डीपीटी टीकाकरण के कुछ घंटों बाद एक पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो जाने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद परिजन स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, वहीं खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और मृतक के परिजनों को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार बागबाहरा निवासी नरेन्द्र यादव, जो खल्लारी थाना में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं, परिजन अपने इकलौते पांच वर्षीय पुत्र नैतिक यादव को राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत 16 मार्च को सुबह लगभग 11:30 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बागबाहरा लेकर पहुंचे थे, जहां बच्चे को डीपीटी का टीका लगाया गया। टीकाकरण के बाद कुछ देर अस्पताल में रुकने और बुखार की दवा लेने के बाद परिजन बच्चे को घर ले गए। बताया जा रहा है कि शाम करीब 4 बजे बच्चे की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर परिजनों ने उसे अस्पताल लाया। करीब 5 बजे अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी ली। विधायक ने आरोप लगाया कि टीका 14 मार्च को खोला गया था और 16 मार्च को बच्चे को लगाया गया, जो गंभीर लापरवाही का मामला हो सकता है।
वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बागबाहरा के बीएमओ डॉ. बी.एस. बढ़ई ने कहा है कि मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
फिलहाल बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय महासमुंद भेजा गया है, जहां चिकित्सकों की टीम पी एम करेगी।

