




19 मार्च 2026 / महासमुंद/ मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के असर से देशभर में रसोई गैस आपूर्ति प्रभावित होने लगी है, जिसका असर अब छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में भी साफ दिख रहा है। जिले में रसोई गैस की किल्लत बढ़ने से आम उपभोक्ता खासे परेशान नजर आ रहे हैं। सुबह होते ही लोग खाली सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतार में खड़े होकर अपने नंबर का इंतजार कर रहे हैं ताकि किसी तरह उनके घर का चूल्हा जल सके।

एजेंसियों के बाहर लंबी कतार, कई दिनों बाद मिल रही गैस
महासमुंद जिले में विभिन्न कंपनियों की कुल 17 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जहां लगभग 2 लाख 86 हजार 387 उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इनमें 2 लाख 4 हजार 570 उज्ज्वला योजना के लाभार्थी और 77 हजार 410 सामान्य उपभोक्ता शामिल हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्हें गैस पाने के लिए लगातार दो-तीन दिनों तक एजेंसी आकर नंबर लगाना पड़ रहा है, जिसके बाद कहीं जाकर सिलेंडर मिल पा रहा है।
एजेंसी संचालक का क्या कहना है
इस मामले में एक गैस एजेंसी संचालक का कहना है कि जिले में गैस की उपलब्धता है, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण वितरण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं को असुविधा हो रही है।
खाद्य अधिकारी का दावा — मांग बढ़ने से बनी स्थिति
खाद्य अधिकारी के अनुसार जिले की 17 एजेंसियों में वर्तमान में 1923 भरे सिलेंडर उपलब्ध हैं। हालांकि पिछले महीने की तुलना में उपभोक्ताओं की मांग में अचानक बढ़ोतरी होने से यह स्थिति निर्मित हुई है।
सप्लाई बनाम मांग — बड़ा अंतर
अगर एक एजेंसी प्रतिदिन औसतन 300 सिलेंडर वितरित करती है तो जिले में रोजाना लगभग 5100 सिलेंडर की आवश्यकता होती है, जबकि मौजूदा समय में स्टॉक मात्र 1923 सिलेंडर ही है। इससे सप्लाई और मांग के बीच बड़ा अंतर सामने आ रहा है।

होम डिलिवरी चार्ज पर भी सवाल
जिले में 14.5 किलो के गैस सिलेंडर की कीमत 985 रुपये तय है, जिसमें 30 रुपये होम डिलिवरी चार्ज शामिल है। लेकिन उपभोक्ताओं का आरोप है कि वे स्वयं एजेंसी जाकर सिलेंडर ले रहे हैं, इसके बावजूद उनसे होम डिलिवरी चार्ज लिया जा रहा है। नियमानुसार स्वयं सिलेंडर ले जाने पर यह राशि वापस की जानी चाहिए, लेकिन न तो एजेंसियां होम डिलिवरी दे पा रही हैं और न ही चार्ज वापस कर रही हैं।

उपभोक्ताओं में बढ़ रही नाराजगी
लगातार बढ़ती परेशानी और अनिश्चितता के बीच उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही गैस आपूर्ति व्यवस्था नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।


