




25 मार्च 2026/ महासमुंद/ जिले के सुप्रसिद्ध मां खल्लारी मंदिर में 22 मार्च को हुए रोपवे हादसे की जांच के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित छह सदस्यीय टीम आज घटनास्थल पहुंची और विस्तृत निरीक्षण किया। इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव को संयोजक बनाकर जांच टीम का गठन किया गया था। टीम ने मुख्य रूप से चार बिंदुओं — मेंटेनेंस से जुड़े तथ्य, विद्युत व्यवस्था, संचालन टीम की स्थिति तथा मेंटेनेंस चेकलिस्ट के संधारण — पर जांच की। निरीक्षण के बाद टीम संयोजक ने बताया कि कंपनी द्वारा नवरात्रि पर्व से तीन दिन पहले मेंटेनेंस कार्य कराया गया था, लेकिन उस दौरान कोई तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद नहीं था। मेंटेनेंस के दौरान अपर स्टेशन के मुख्य चक्के (व्हील) को बदला गया, जो पहले लगे चक्के से भिन्न पाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो-तीन महीनों से रोपवे संचालन के लिए पर्याप्त विद्युत आपूर्ति उपलब्ध नहीं थी, जिसके चलते जनरेटर के माध्यम से संचालन किया जा रहा था। प्रारंभिक रूप से रोपवे का संचालन अनुभवी टीम द्वारा किया जा रहा था, लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना के उस टीम को हटाकर स्थानीय एवं कम अनुभवी टीम को जिम्मेदारी दे दी गई। जांच टीम के अनुसार, रोपवे संचालन में नियमित मेंटेनेंस और चेकलिस्ट अत्यंत महत्वपूर्ण एवं अनिवार्य प्रक्रिया है, लेकिन अनुभवहीन टीम के कारण इन प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। पत्रकारों से चर्चा के दौरान टीम संयोजक ने मृतकों के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा तथा घायलों का पूरी तरह स्वस्थ होने तक निःशुल्क इलाज कराने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि तार में रस्सी का इस्तेमाल कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
इधर प्रशासन ने पुष्टि की है कि हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है। बीती रात महासमुंद निवासी 47 वर्षीय गोविंद स्वामी की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी और बेटी का उपचार जारी है। मुख्यमंत्री द्वारा मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।
गौरतलब है कि प्रशासन की ओर से भी तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर मामले की जांच की जा रही है।

