




25 फरवरी 2026/ महासमुंद/सन 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ युवाओं को राष्ट्र निर्माण, नीति निर्धारण और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जोड़ने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा “विकसित भारत युवा संसद” का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में महासमुंद स्थित शासकीय वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जिला स्तरीय युवा संसद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महासमुंद लोकसभा सांसद रूप कुमारी चौधरी ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” विषय पर युवा संसद आयोजित की गई, जिसमें पक्ष में 6 और विपक्ष में 8 युवाओं ने जोरदार और तथ्यपूर्ण बहस प्रस्तुत की।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को स्वस्थ विचार रखने, लोकतांत्रिक परंपराओं को समझने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करते हैं। स्वस्थ राष्ट्र निर्माण और सशक्त लोकतंत्र ही इसका मूल उद्देश्य है।
जिला नोडल अधिकारी डॉ. मालती तिवारी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और संविधान की सुरक्षा के प्रति युवाओं में जागरूकता पैदा करना इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य है।
युवा संसद में स्पीकर बनी छात्रा दिव्या सोनवानी ने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया। वहीं प्रतिभागी सदस्य नुसरत फातमा ने कहा कि आपातकाल के दौरान हुए संवैधानिक बदलावों को समझना और संविधान की सुरक्षा के महत्व को जानना उनके लिए एक सीखने वाला अनुभव रहा।
गौरतलब है कि जिला स्तर पर चयनित 10 युवा राज्य विधानसभा में अपनी बात रखेंगे, जबकि राज्य से चयनित 3 युवाओं को देश की संसद में बोलने का अवसर मिलेगा।

