




13 अप्रैल 2026 /महासमुंद जिले में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के क्रियान्वयन में बड़ी लापरवाही सामने आई है। पात्र हितग्राहियों के खातों में राशि पहुंचने के बजाय अन्य लोगों के खातों में ट्रांसफर हो रही है, जिससे प्रभावित हितग्राही बैंक और जनपद कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।



ताजा मामला महासमुंद जनपद क्षेत्र के ग्राम मुस्की का है, जहां सुशीला निषाद, पति होरीलाल निषाद ने योजना के तहत अपना पंजीयन कराया था। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, तुमगांव का खाता नंबर दिया था। पंजीयन क्रमांक 20220628002332 के तहत वे योजना की पात्र हितग्राही हैं और वर्ष 2024-25 के लिए उन्हें 10 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत भी हुई। हालांकि, यह राशि उनके खाते में आने के बजाय किसी अन्य महिला के पंजाब नेशनल बैंक खाते में जमा हो गई। जांच करने पर यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि इसी खाते में लगभग 18 हितग्राहियों की राशि ट्रांसफर हो रही है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने तीन साल पहले पंजीयन कराया था, लेकिन आज तक उन्हें एक भी किस्त प्राप्त नहीं हुई है। इस मामले में जनपद कार्यालय में लिखित शिकायत भी की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
वहीं पूर्व जनपद सदस्य योगेश्वर चन्द्राकर ने इस पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यह गंभीर लापरवाही है और इससे कई पात्र हितग्राही वंचित हो रहे हैं।
इधर, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है और भू-अभिलेख शाखा के अधिकारियों को विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि इस योजना के तहत जिले में कुल 35,226 पात्र हितग्राही हैं, जिनमें महासमुंद जनपद में ही 9,528 हितग्राही शामिल हैं। एक ही खाते में कई हितग्राहियों की राशि ट्रांसफर होने का मामला सामने आने के बाद आशंका जताई जा रही है कि इस तरह की और भी गड़बड़ियां सामने आ सकती हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले की जांच कब तक पूरी कर पाता है और पात्र हितग्राहियों को उनका हक कब तक मिल पाता है।

