



न्यूज मंच / महासमुंद/ 24 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने महासमुंद एवं गरियाबंद जिले में बिजली चोरी के खिलाफ जांच अभियान तेज कर दिया है।शनिवार को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान विद्युत कंपनी की 23 टीमों ने लगभग 195 बिजली कनेक्शनों की जांच की। इस दौरान 53 उपभोक्ता बिजली लाइन विच्छेदित होने के बाद भी बिना बकाया भुगतान किए अनधिकृत रूप से बिजली का उपयोग करते पाए गए। संबंधित मामलों में विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 एवं 138 के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
कई क्षेत्रों में एक साथ हुई जांच
विद्युत कंपनी के अनुसार, 24 अक्टूबर को महासमुंद, कोमाखान, बागबाहरा, सांकरा, पटेवा तथा गरियाबंद जिले के देवभोग क्षेत्र में जांच अभियान चलाया गया। इसके अलावा सरायपाली शहर के पालसी, यासीन कॉलोनी, इनायत पारा और भंवरपुर रोड क्षेत्र में भी बिजली कनेक्शनों की जांच की गई।अभियान के दौरान स्मार्ट मीटर के जरिए रिमोट से बिजली आपूर्ति बंद किए गए कनेक्शनों की जांच की गई। साथ ही उन उपभोक्ताओं के कनेक्शनों का भी निरीक्षण किया गया, जिनकी बिजली लाइन बकाया भुगतान नहीं होने के कारण पहले ही खंभे से काट दी गई थी।जांच में 53 कनेक्शनधारी ऐसे मिले, जो बिजली आपूर्ति विच्छेदित होने के बावजूद सीधे खंभे से हुकिंग करके या मीटर को बायपास कर बिजली का उपयोग कर रहे थे।जांच दलों ने संबंधित मामलों में पंचनामा तैयार किया है। इन प्रकरणों को नियमानुसार पुलिस थाने एवं विशेष न्यायालय में प्रस्तुत करने की कार्रवाई की जा रही है।
बिजली चोरी पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान
विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत बिजली चोरी के मामलों में दोषसिद्धि होने पर पहली बार कम से कम तीन महीने और अधिकतम तीन वर्ष तक के कारावास तथा जुर्माने का प्रावधान है। जुर्माने का निर्धारण चोरी की गई बिजली की मात्रा, भार और संबंधित वैधानिक प्रावधानों के आधार पर किया जाता है। दोबारा दोषसिद्धि होने पर अधिक कठोर दंड का प्रावधान है।इसी तरह, धारा 138 के तहत मीटर से छेड़छाड़, मीटर को बायपास करने, अनधिकृत रूप से बिजली लाइन जोड़ने अथवा विद्युत आपूर्ति में अवैध हस्तक्षेप करने पर अधिकतम तीन वर्ष तक के कारावास, जुर्माने या दोनों का प्रावधान है।इसके अतिरिक्त, संबंधित मामलों में नियमानुसार आकलित राशि, बकाया विद्युत देयक और लागू वैधानिक शुल्क की वसूली भी की जा सकती है। हालांकि, अंतिम दंड एवं देय राशि का निर्धारण मामले के तथ्यों और लागू नियमों के अनुसार सक्षम प्राधिकारी अथवा न्यायालय द्वारा किया जाएगा।
पहले 263 मामलों में भी तैयार किए गए थे पंचनामे
विद्युत कंपनी के अनुसार, महासमुंद एवं गरियाबंद जिले में संचालित विशेष अभियान के तहत इससे पहले भी 263 प्रकरणों में पंचनामा तैयार कर उन्हें विशेष न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी की गई थी। अब 53 नए मामले सामने आने के बाद कंपनी ने अनधिकृत बिजली उपयोग के विरुद्ध कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
समाधान योजना का लाभ लेने की अपील
विद्युत कंपनी ने बकायादार उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान करें और पात्रता के अनुसार समाधान योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराएं। कंपनी के अनुसार, अभियान के दौरान कुछ उपभोक्ता बकाया भुगतान और समाधान योजना के माध्यम से राहत प्राप्त करने के विकल्पों की जानकारी भी ले रहे हैं।विद्युत कंपनी का यह विशेष जांच अभियान 31 मार्च 2027 तक जारी रहेगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बकाया भुगतान के कारण बिजली कनेक्शन कटने के बाद बिना अनुमति लाइन दोबारा जोड़ना, खंभे से हुकिंग करना या मीटर को बायपास करके बिजली का उपयोग करना दंडात्मक कार्रवाई का कारण बन सकता है।कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अनधिकृत तरीके से बिजली का उपयोग करने के बजाय संबंधित विद्युत कार्यालय से संपर्क कर बकाया राशि, भुगतान प्रक्रिया और समाधान योजना के संबंध में जानकारी प्राप्त करें तथा बिजली का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार ही करें।

