



27 जांच दलों ने चलाया विशेष अभियान, मीटर बायपास और सीधे लाइन से हुकिंग कर बिजली इस्तेमाल करने के मामले आए सामने, विद्युत अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
न्यूज मंच /महासमुंद/ छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने महासमुंद एवं गरियाबंद जिले में बिजली बकायादारों और विच्छेदित विद्युत कनेक्शनों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। इस दौरान गठित 27 जांच दलों ने कुल 187 उपभोक्ता परिसरों की जांच की, जिनमें 96 परिसरों में बकाया राशि का भुगतान किए बिना और कनेक्शन विच्छेदित होने के बाद भी अनधिकृत रूप से बिजली का उपयोग किए जाने के मामले सामने आए। विभाग अब संबंधित प्रकरणों में विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत कार्रवाई कर रहा है। मुख्य अभियंता ए.के. लखेरा के निर्देशन में, अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार साहू के नेतृत्व तथा संबंधित कार्यपालन अभियंताओं के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। जांच के लिए गठित 27 दलों में लगभग 55 सहायक एवं कनिष्ठ अभियंताओं (AE/JE) और लाइन कर्मचारियों को शामिल किया गया था।
स्मार्ट मीटर और विच्छेदित कनेक्शनों की हुई जांच
अभियान के दौरान विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं के परिसरों की जांच की गई, जिनके स्मार्ट मीटर कनेक्शन रिमोट के माध्यम से तथा नॉन-स्मार्ट मीटर कनेक्शन बकाया राशि के कारण पहले ही विच्छेदित किए जा चुके थे। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना था कि कनेक्शन कटने के बाद उपभोक्ता बिना बकाया राशि जमा किए और विभागीय अनुमति के बिना दोबारा बिजली का उपयोग तो नहीं कर रहे हैं। जांच में 187 परिसरों में से 96 में अनधिकृत विद्युत उपयोग के मामले सामने आए। इनमें मीटर को बायपास करके और एलटी लाइन से सीधे हुकिंग कर बिजली का इस्तेमाल करने जैसी अनियमितताएं पाई गईं।
धारा 135 और 138 के तहत होगी कार्रवाई
विद्युत विभाग के जांच दलों ने मौके पर पंचनामा तैयार कर आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई की।अनधिकृत विद्युत उपयोग का आकलन कर नियमानुसार बिलिंग की जा रही है। वहीं, मामलों की प्रकृति और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 एवं 138 के तहत कार्रवाई की जा रही है। विभाग के अनुसार, संबंधित मामलों में थानों में प्राथमिकी दर्ज कराने तथा सक्षम विशेष न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत करने की प्रक्रिया भी की जा रही है।
मुख्यमंत्री समाधान योजना से उपभोक्ताओं को राहत
विशेष जांच अभियान के दौरान कई घरेलू बीपीएल और कृषि पंप उपभोक्ताओं ने मुख्यमंत्री समाधान योजना के तहत अपने बकाया प्रकरणों के निराकरण के लिए पंजीयन कराया और नियमानुसार भुगतान किया। वहीं, कुछ उपभोक्ताओं ने मौके पर ही बकाया राशि जमा कर अपने विद्युत कनेक्शन का नियमानुसार पुनः संयोजन कराने की पहल की। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं को समझाइश दी कि बकाया राशि जमा करने और विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही कनेक्शन दोबारा चालू कराया जाए। इससे अनधिकृत विद्युत उपयोग और संभावित वैधानिक कार्रवाई से बचा जा सकता है।
स्वयं लाइन जोड़ने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
CSPDCL ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर को रिमोट से डिस्कनेक्ट किए जाने या किसी अन्य माध्यम से विद्युत कनेक्शन काटे जाने के बाद स्वयं लाइन जोड़कर बिजली का उपयोग करना नियमों का उल्लंघन है। इसी तरह मीटर बायपास करना या एलटी लाइन से सीधे हुकिंग कर बिजली लेना भी गंभीर अनियमितता है। ऐसे मामलों में विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
31 मार्च तक जारी रहेगा जांच अभियान
विद्युत कंपनी ने बकायादार उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे स्वयं लाइन जोड़कर बिजली का उपयोग न करें। बकाया राशि का भुगतान कर विभागीय प्रक्रिया के अनुसार विधिवत कनेक्शन पुनः चालू कराएं। कंपनी के अनुसार, महासमुंद वृत्त के अंतर्गत विद्युत बकाया वसूली, बिजली चोरी की रोकथाम और राजस्व अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच अभियान जारी रहेगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह अभियान 31 मार्च तक चलाया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्युत उपभोक्ताओं को नियमानुसार सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ अनधिकृत विद्युत उपयोग पर नियंत्रण और राजस्व संरक्षण के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।

