



न्यूज मंच/महासमुंद/ छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में महासमुंद पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। ऑपरेशन निश्चय के तहत पुलिस ने महज 9 महीने में करीब 10 हजार किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत लगभग 50 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस दौरान गांजा तस्करी के 177 मामले दर्ज कर 501 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं 70 फरार आरोपियों की तलाश जारी है।पुलिस की इस कार्रवाई में ओडिशा से लेकर महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश तक फैले गांजा तस्करी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक, महासमुंद जिले में 1 जनवरी से 18 अक्टूबर 2026 तक ऑपरेशन निश्चय के तहत विशेष अभियान चलाकर तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई की गई।इस अभियान में गिरफ्तार 501 आरोपियों में 289 परिवहनकर्ता शामिल हैं। पुलिस ने एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन के तहत तस्करी की पूरी कड़ी तक पहुंचने की कोशिश की है। बैकवर्ड लिंकेज के तहत ओडिशा से 145 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि फॉरवर्ड लिंकेज के तहत 67 आरोपियों को पकड़ा गया है। गिरफ्तार आरोपियों में 162 ओडिशा, 138 छत्तीसगढ़, 103 महाराष्ट्र, 73 मध्यप्रदेश और 54 उत्तर प्रदेश के निवासी हैं।जांच में सामने आया है कि गांजे की खेप ओडिशा से लाई जा रही थी और इसे महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान तथा हरियाणा तक पहुंचाया जा रहा था। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए गए करीब 10 करोड़ रुपये कीमत के वाहनों को भी जब्त किया है। इनमें बस, ट्रक, पिकअप, एंबुलेंस और कोरियर सर्विस के वाहन शामिल हैं।
तस्करी के लिए अपनाए जा रहे थे नए-नए तरीके
गांजा तस्कर पुलिस की निगरानी से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे थे। कभी फलों के नीचे, कभी कंटेनर के विशेष चेंबर में तो कभी एंबुलेंस और सब्जी वाहनों में गांजे की खेप छिपाकर परिवहन किया जा रहा था। इतना ही नहीं, पैकर्स एंड मूवर्स के सामान के बीच भी गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने इन तरीकों का खुलासा करते हुए तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है।
अब तस्करों की संपत्तियों पर पुलिस की नजर
महासमुंद पुलिस अब केवल गांजा परिवहन करने वालों और तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही है। पुलिस की नजर अब तस्करों की चल-अचल संपत्तियों पर भी है।अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुशील नायक के मुताबिक, नशे के कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए ऑपरेशन निश्चय के तहत आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

