



न्यूज मंच /महासमुंद/10 अक्टूबर 2026/महासमुंद जिले में डिजिटल फसल सर्वेक्षण और राजस्व संबंधी कार्यों में लापरवाही बरतने पर पांच पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा राजस्व कार्यों की नियमित समीक्षा के दौरान सामने आई अनियमितताओं और कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों द्वारा निलंबन की कार्रवाई की गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई में बसना तहसील के एक, सरायपाली तहसील के एक, महासमुंद तहसील के एक और बागबाहरा तहसील के दो पटवारी शामिल हैं। इन पर डिजिटल फसल सर्वेक्षण में निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं करने तथा राजस्व अभिलेखों से संबंधित कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप हैं।
निर्धारित समय-सीमा में डिजिटल फसल सर्वेक्षण पूरा नहीं करने पर कार्रवाई
छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार वर्ष 2026-27 के डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) के तहत शेष खसरों का PV ऐप के माध्यम से भौतिक सत्यापन कर गिरदावरी का कार्य पूरा किया जाना था। इसके लिए पटवारियों को खसरा नंबर आवंटित कर 30 सितंबर 2026 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे।इसके बावजूद कुछ पटवारियों द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया गया और प्रगति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। इससे निर्धारित समय-सीमा में गिरदावरी का कार्य पूरा करने में परेशानी उत्पन्न होने की स्थिति बनी। इस संबंध में संबंधित पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
इन पांच पटवारियों पर हुई कार्रवाई
1. उदय प्रकाश राजपूत, पटवारी हल्का नंबर-02, तहसील बसना: डिजिटल फसल सर्वेक्षण के तहत निर्धारित कार्य प्रारंभ नहीं करने और संतोषजनक प्रगति नहीं होने के मामले में निलंबित किया गया।
2. जितेंद्र सिंह बाघ, तहसील सरायपाली: ग्राम पड़कीपाली में शासकीय जमीन को कथित तौर पर अपनी मर्जी से दूसरे कृषक के नाम पर पटवारी अभिलेख में दर्ज करने के मामले में निलंबन की कार्रवाई की गी।
3. हरीश चंद्राकर, तहसील महासमुंद: ग्राम बड़गांव में खसरा नंबर की वास्तविक स्थिति छिपाकर दोबारा नामांतरण करने के मामले में निलंबित किया गया।
4. कंचन साहू, तहसील बागबाहरा: डिजिटल फसल सर्वेक्षण के तहत निर्देशानुसार भौतिक सत्यापन नहीं करने के कारण निलंबित किया गया।
5. लुकेश यादव, तहसील बागबाहरा: डिजिटल फसल सर्वेक्षण के निर्धारित निर्देशों के अनुसार भौतिक सत्यापन नहीं करने के मामले में निलंबन की कार्रवाई की गई।
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ निलंबन आदेश
जारी आदेश के अनुसार, संबंधित पटवारियों के विरुद्ध कदाचरण, अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 के उपनियम (1)(क) के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित पटवारियों का मुख्यालय तहसील कार्यालय निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। निलंबन आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

