



न्यूज मंच /महासमुंद/ लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत जिला कांग्रेस कमेटी महासमुंद ने मंगलवार को ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल मार्च निकाला। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश सह प्रभारी विजय जागिड के नेतृत्व में निकला मार्च।मार्च कांग्रेस भवन से शुरू होकर गांधी चौक, अंबेडकर चौक होते हुए कांग्रेस चौक पहुंचा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर केंद्र सरकार एवं चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध जताया।मार्च के दौरान गांधी चौक पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद मार्च अंबेडकर चौक पहुंचा, जहां बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। यहां भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 का सार्वजनिक रूप से वाचन किया गया और राष्ट्रगान गाया गया।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान प्रत्येक वयस्क नागरिक को मतदान का अधिकार देता है। ऐसे में मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी या पात्र मतदाताओं के नाम हटाया जाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर विपक्ष की चिंताओं को दूर नहीं किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग की।कांग्रेस का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा मतदाताओं को उनके मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मार्च के अंतिम पड़ाव में कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस चौक पहुंचे, जहां मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।कांग्रेस के मुताबिक, 30 सितंबर को नई दिल्ली में कांग्रेस समेत प्रमुख विपक्षी दलों की बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर देशव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया गया था। इसी के तहत 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन और पदयात्राएं आयोजित की जा रही हैं।मार्च में जिला कांग्रेस के पदाधिकारी, पूर्व विधायक, पीसीसी सदस्य, त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकायों के निर्वाचित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

