



न्यूज मंच/ महासमुंद एवं गरियाबंद जिले में बिजली बिल बकायादारों और अनधिकृत रूप से विद्युत उपयोग करने वालों के खिलाफ बिजली विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विशेष जांच एवं लाइन विच्छेदन अभियान के तहत दोनों जिलों में 26 जांच दलों ने एक साथ कार्रवाई करते हुए कुल 213 विद्युत कनेक्शनों की जांच की। इस दौरान 59 उपभोक्ता अनधिकृत रूप से बिजली का उपयोग करते पाए गए।जांच में ऐसे मामले सामने आए, जिनमें उपभोक्ताओं ने बकाया बिजली बिल जमा किए बिना ही विच्छेदित कनेक्शन दोबारा जोड़ लिए थे। इसके अलावा स्मार्ट मीटर को बायपास करने और सीधे एलटी लाइन से बिजली का उपयोग करने के मामले भी सामने आए। विभाग ने ऐसे उपभोक्ताओं के विरुद्ध विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई की।
39 उपभोक्ताओं ने मौके पर जमा किए 13.51 लाख रुपये
कार्रवाई के दौरान 39 उपभोक्ताओं ने मौके पर ही कुल 13.51 लाख रुपये जमा किए। वहीं, 21 उपभोक्ताओं ने मुख्यमंत्री बिजली समाधान योजना के तहत अपना पंजीयन कराया और निर्धारित पंजीयन शुल्क भी मौके पर जमा किया। विभाग द्वारा बकाया वसूली और अनधिकृत विद्युत उपयोग पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रखने की बात कही गई है।
चारों विद्युत संभागों में एक साथ चला जांच अभियान
यह विशेष अभियान महासमुंद एवं गरियाबंद जिले के अंतर्गत आने वाले चार विद्युत संभागों महासमुंद, सरायपाली, पिथौरा एवं गरियाबंद में चलाया गया।महासमुंद संभाग के महासमुंद शहर, कोसरंगी, भलेसर, कनेकेरा, परसकोल, मुढेना एवं घोड़ारी सहित आसपास के क्षेत्रों में जांच की गई। वहीं सरायपाली संभाग के एकेला, पीपलभूठ, बसना एवं बरौली आदि क्षेत्रों में विच्छेदित विद्युत कनेक्शनों का निरीक्षण किया गया।इसी तरह पिथौरा संभाग के झलप, अंसुला, कुरमाडी, बोकुलडीही, सिरको एवं कुरसीपारा सहित विभिन्न गांवों में जांच दलों ने कार्रवाई की। गरियाबंद संभाग के अमलीपदर, मैनपुर एवं गौरापदर सहित अन्य क्षेत्रों में भी विशेष जांच अभियान चलाया गया।
बिजली चोरी और बकाया वसूली पर विभाग की सख्ती
विद्युत विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर एवं विद्युत पोल से विच्छेदित किए गए कनेक्शनों की विशेष निगरानी की जा रही है। विभाग का उद्देश्य बकाया बिजली बिलों की वसूली सुनिश्चित करने के साथ ही अनधिकृत विद्युत उपयोग और बिजली चोरी पर प्रभावी रोक लगाना है। इसके लिए दोनों जिलों में जांच एवं कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

