



न्यूज मंच / महासमुंद/ चार सूत्रीय मांगों को लेकर महासमुंद जिले के करीब 3637 रसोइया अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। रसोइयों की हड़ताल का सीधा असर सरकारी स्कूलों में संचालित मध्यान्ह भोजन व्यवस्था पर पड़ रहा है। संघ का दावा है कि पिछले तीन महीने से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है और करीब 2 करोड़ 18 लाख रुपये बकाया है।


रसोइया संघ के मुताबिक वर्तमान में उन्हें महज 2 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। तीन महीने से भुगतान नहीं होने के कारण रसोइयों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान करने के साथ ही कलेक्टर दर पर मानदेय देने, दुर्घटना की स्थिति में नि:शुल्क इलाज, कुकर और ड्रेस कोड की सुविधा तथा सेवा स्थायी करने की मांग की है। जिले में 1276 प्राथमिक शालाएं और 492 मिडिल स्कूल हैं। रसोइयों के हड़ताल पर जाने के बाद जिले के कई सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था प्रभावित हुई है। स्कूल प्रबंधन वैकल्पिक व्यवस्था के लिए उच्च अधिकारियों के निर्देश का इंतजार कर रहा है। रसोइया संघ का आरोप है कि लंबित मानदेय के भुगतान का आश्वासन मिलने के बावजूद राशि जारी नहीं की गई। इसके बाद संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीलू ओगरे ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जाने से रोक दिया। संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।


स्कूलों में वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश
हड़ताल के कारण मध्यान्ह भोजन प्रभावित होने के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बच्चों को भोजन से वंचित न होने देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। ब्लाक शिक्षा अधिकारी भोपाल सिंह बंजारे का कहना है कि बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।


चार पदाधिकारियों को थाने ले जाने की बात
इधर, रसोइया संघ के चार पदाधिकारियों को पुलिस द्वारा थाने ले जाने की बात सामने आई है। इसकी जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस के कार्यकर्ता भी थाने पहुंचे, जहां पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच बातचीत का दौर जारी है।
फिलहाल रसोइया संघ लंबित मानदेय के भुगतान सहित अपनी चार सूत्रीय मांगों पर अड़ा हुआ है। संघ ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है। अब शिक्षा विभाग और रसोइया संघ के बीच बातचीत से इस गतिरोध का समाधान कब तक निकलता है, यह देखने वाली बात होगी।

