



न्यूज मंच /महासमुंद/ सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता के मामले में महासमुंद जिले ने प्रदेश भर में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिले के स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत कुल 101 स्वास्थ्य संस्थाओं का राष्ट्रीय प्रमाणीकरण हासिल कर लिया है। इसके साथ ही महासमुंद 100 से अधिक स्वास्थ्य संस्थाओं को NQAS सर्टिफिकेशन दिलाने वाला छत्तीसगढ़ का पहला जिला बन गया है।
101 स्वास्थ्य केंद्रों को मिला राष्ट्रीय दर्जा
जिले के विभिन्न विकासखंडों में प्रमाणित 101 स्वास्थ्य संस्थाओं में शामिल हैं। 01 जिला अस्पताल,01 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), 09 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), 90 उप स्वास्थ्य केंद्र (SHC)
क्या है NQAS और कैसे होता है चयन?
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक अस्पतालों की विश्वसनीयता बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए तय किया गया ढांचा है। इसका मूल्यांकन 8 प्रमुख पैमानों पर किया जाता है। सेवा प्रावधान,रोगियों के अधिकार, इनपुट,सहायक सेवाएं,क्लिनिकल सेवाएं, संक्रमण नियंत्रण,गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली,परिणाम,सर्टिफिकेशन प्रक्रिया के तहत पहले संस्थान का स्व-मूल्यांकन होता है। इसके बाद जिला स्तरीय समिति के मूल्यांकन में 70% से अधिक अंक मिलने पर राज्य स्तरीय और अंत में केंद्रीय दल (राष्ट्रीय स्तर) द्वारा गहन निरीक्षण के बाद यह प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।
जमीनी स्तर पर दिखने लगा असर, बागबाहरा CHC बना मिसाल
प्रमाणीकरण के बाद सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर आम जनता का भरोसा मजबूत हुआ है। इसका उत्कृष्ट उदाहरण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा है, जिसे NQAS सर्टिफिकेशन के बाद प्रथम संदर्भ इकाई (FRU) का दर्जा मिला। अब यहां स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा नियमित रूप से सिजेरियन प्रसव की सुविधा उपलब्ध है।गर्भवती महिलाओं को नियमित सोनोग्राफी जांच का लाभ मिल रहा है।ओपीडी (OPD) में मरीजों की संख्या बढ़ी है और मासिक प्रसव का आंकड़ा 80 से 100 तक पहुंच चुका है।
कलेक्टर ने दी बधाई , स्वास्थ्य अमले की सराहना
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह प्रमाणीकरण जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण और टीम की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।इस सफलता में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. आई. नागेश्वर राव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) श्रीमती नीलू धृतलहरे तथा जिला सलाहकार एवं NQAS नोडल अधिकारी संदीप चंद्राकर सहित स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

